रोजगार के मोर्चे पर विपझ के निशाने पर रहने वाली मोदी सरकार के लिए एक राहत भरी खबर आई है।
नई दिल्ली। रोजगार के मोर्चे पर विपझ के निशाने पर रहने वाली मोदी सरकार के लिए एक राहत भरी खबर आई है। केंद्रीय भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से जारी आंक़ड़ों के अनुसार, सितंबर 2017 से सितंबर 2018 के बीच में पूरे देश में करीब 80 लाख लोगों को नौकरी मिली है। ईपीएफओ की ओर से जारी आंकड़ों के अऩुसार, उक्त अवधि में 79.48 लोग संगठन से जुड़े हैं यानी इतने लोगों को नौकरियां मिली हैं। यह नौकरियां प्राइवेट और सरकारी दोनों सेक्टरों से जुड़ी है।
सितंबर 2018 में सबसे ज्यादा नौकरी
ईपीएफओ की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2018 में बीते एक साल की तुलना में सबसे ज्यादा करीब 9.73 लाख लोगों को नौकरी मिली है। जबकि सितंबर 2017 में 4.11 लाख लोगों को नौकरियां मिली थीं। ईपीएफओ के वेतन रजिस्टर पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार इस साल मार्च में केवल 2.36 लाख लोगों को ही ईपीएफओ योजना में शामिल किया गया था। यह संख्या सितंबर 2017 से सितंबर 2018 की अवधि के दौरान किसी एक महीने में मिले रोजगारों की संख्या में सबसे कम थी।
18 से 21 साल के युवाओं को मिली ज्यादा नौकरियां
सितंबर महीने में ईपीएफओ की भविष्य निधि योजना में जुड़ने वाले 2.69 लाख लोग 18 से 21 साल की आयु वर्ग के रहे, जबकि 2.67 लाख 22 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के रहे। ईपीएफओ ने एक बयान जारी कर कहा कि ये आंकड़े आने वाले महीनों में अपडेट होते रहेंगे। आने वाले महीनों में यह आंकड़े और बेहतर हो सकते हैं।