
नई दिल्ली। दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल उसकी नीतियों और नियमों का उल्लंघन किए जाने के कारण प्रति सेकेंड लगभग 100 'बुरे' (स्कैम) विज्ञापनों को हटा रही है और भविष्य में ऐसे विज्ञापनों से बचने के लिए जल्द ही प्रमाणन कार्यक्रम शुरू करेगी। द वाल स्ट्रीट जर्नल की यह रिपोर्ट कि 'स्कैमर एप्पल इंक जैसी कंपनियों के लिए सर्च एड की खरीदारी कर रहे हैं' प्रकाशित होने के बाद गूगल ने शनिवार को कहा कि वह स्कैमर के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
एक साल में 3.2 अरब विज्ञापन हटाए
गूगल के ग्लोबल प्रोडक्ट पॉलिसी के निदेशक डेविड ग्राफ ने कहा कि सिर्फ पिछले साल ही हमने हमारे नियमों का उल्लंघन करने वाले 3.2 अरब विज्ञापनों को हटाया था। यह 100 से ज्यादा विज्ञापन प्रति सेकेंड होता है। उन्होंने कहा कि हम और कदम उठा रहे हैं। हमने स्कैम एड की बढ़ती संख्या दर्ज की है और वैश्विक रूप से इस श्रेणी में विज्ञापनों को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन प्रमाणन कार्यक्रम शुरू करेगा गूगल
आने वाले कुछ महीनों में गूगल प्रमाणन कार्यक्रम शुरू करेगा, जिससे ऐसे विज्ञापनों को पहले ही रोका जा सके। गूगल ने कहा कि हमारी प्राथमिकता स्वस्थ विज्ञापन माहौल कायम रखना है और इसका मतलब लोगों को गलत जानकारी, गलत और हानिकारक विज्ञापनों से बचाना है। स्कैमर्स की ओर से गलत विज्ञापन तैयार करने के लिए गूगल का विज्ञापन तंत्र इस्तेमाल करने के बाद यह कदम उठाया गया।
फेक न्यूज को लेकर भी सख्त हो रहा है गूगल
आपको बता दें कि बीते कुछ महीनों में फेक न्यूज का चलन बढ़ने पर गूगल ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। गूगल ने फेक न्यूज का प्रसारण करने वाले प्लेटफॉर्म की पहचान कर उनपर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। फेक न्यूज की पहचान करने के लिए गूगल ने आने वाले समय में अलग तंत्र बनाने की योजना बनाई है। इसके अलावा सोशल साइट फेसबुक ने भी फेक न्यूज रोकने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।