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बदल गए चालान कटने के नियम, 16 करोड़ रुपए की लागत से सरकार ने बनाया ये नया सिस्टम

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयास में अब सरकार ने एक नई मुहिम की शुरुआत की है, जिससे चालान कटने की व्यवस्था बदल जाएगी। दिल्ली पुलिस ने देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के सहयोग से नई तरह की ट्रैफिक व्यस्था शुरू की है इस व्यवस्था को रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन एवं स्पीड -वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम का नाम दिया गया है।

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बदल गए चालान कटने के नियम, 16 करोड़ रुपए की लागत से सरकार ने बनाया ये नया सिस्टम

नई दिल्ली। भारत में सड़क दुर्घटनाएं दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही हैं। दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयास में अब सरकार ने एक नई मुहिम की शुरुआत की है, जिससे चालान कटने की व्यवस्था बदल जाएगी। आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के सहयोग से नई तरह की ट्रैफिक व्यस्था शुरू की है, जो रेड लाइट, तेज रफ्तार गाड़ी चलाने वालों का चालान काटेगी।


मारुति सुजुकी ने किया 16 करोड़ रुपए का निवेश

इस व्यवस्था को रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन एवं स्पीड -वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम का नाम दिया गया है। इस व्यवस्था की खास बात ये है कि इसमें ट्रैफिक पुलिस की जरूरत नहीं होगी और चालान आपके घर पर पहुंच जाएगा। ये सिस्टम सप्ताह के सातों दिन चलेगा। मारुति सुजुकी ने इस सिस्टम के लिए 16 करोड़ रुपए का निवेश भी किया है।


कैमरे में रिकॉर्ड होंगी सभी हरकतें

आपको बता दें कि रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन एवं स्पीड -वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम धौला कुंआ और सराय काले खां के बीच 14 किमी के रिंग रोड कॉरीडोर में लगाया जा चुका है। 3 डी रडार और 100 से अधिक हाई रेज्यूल्यूशन कैमरों से युक्त है। ये कैमरे यातायात नियमों के उल्लंघन को कैद करके जानकारी को टोडापुर स्थित दिल्ली यातायात पुलिस के मुख्यालय के केंद्रीय सर्विर को भेज देते हैं, जहां से फोटो प्रमाण के साथ ई-चालान बनाकर sms, ई-मेल, पोस्ट के जरिए चालान भेजा जाएगा।


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Published on:
02 Mar 2019 12:26 pm
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