
नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन (lockdown ) है। ऐसे में लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी ही एक समस्या है दवाइयों की। बड़े-बुजुर्ग और प्रेग्नेंट लेडीज को इसकी वजह से खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि केंद्र सरकार ( union govt ) ने लॉकडाउन के दौरान दवाओं की होम डिलिवरी का फैसला लिया है।
ऑनलाइन सब्मिट करना होगा प्रिस्क्रिप्शन-
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस बारे में आदेश जारी करते हुए कहा है सरकार द्वारा अथॉराइज्ड रीटेल शॉप ओनर ईमेल या व्हाट्सऐप पर प्रिस्क्रिप्शन मिलने की सूरत में दवाइयों की होम डिलीवरी कर सकते हैं। लाइसेंसधारी विक्रेताओं को ईमेल के जरिए रजिस्ट्रेशन अथॉरिटीज के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यहां एक और बात ध्यान देने वाली है कि डिलीवरी उसी जिले के अंदर की जाएगी।
मानना होगा इन नियम को-
क्रोनिक बीमारी होने की सूरत में 30 दिनों और एक्यूट पेशेंट्स को 7 दिन पुराना प्रिस्क्रिप्शन मान्य होगा। इसके साथ ही रीटेल शॉप को दवाइयों के लिए कस्टमर्स को बिल देना भी अनिवार्य होगा ।
सरकार के इस फैसले से बुजुर्गों, मरीजों, प्रेग्नेंट महिलाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा। कोरोना वायरस की बात करें तो बुजुर्गों और डायबिटीज, अस्थमा जैसे मरीजों में कोरोनावायरस का संक्रमण होने का भय ज्यादा है।