कर्मचारियों के लिए हेल्थ इंस्योरेंस होगा जरूरी बिना हेल्थ इंश्योरेंस काम करने की नहीं होगी इजाजत सरकार ने बताई लॉकडाउन का बाद की शर्तें
नई दिल्ली : दूसरे लॉकडाउन के खत्म होने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। लोगों ने अपने मन में लॉकडाउन के बाद क्या करना है उसकी लिस्ट बनानी शुरू कर दी है। कई सारी कंपनियों ने किस तरह से काम करना है इसकी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। ऐसे में सरकार भला पीछे कैसे रह सकती है । जो कंपनियां लॉकडाउन ( corona lockdown ) के बाद काम शुरू करना चाहती है उनके लिए सरकार ने एक नया फरमान निकाला है।
सरकार ने आदेश दिया है कि ये सभी कंपनियां अपने यहां काम करने वाले लोगों का हेल्थ इंश्योरेंस करवाएं, और ये आदेश मानना जरूरी होगा नहीं तो कंपनियों को काम शुरू करने की इजाजत नहीं मिलेगी। यानी अब तक जिन कर्मचारियों के पास मेडिकल इंश्योरेंस ( health insurance ) नहीं था उनके लिए भी अपनी कंपनी को हेल्थ इंश्योरेंस लेना होगा।
सरकार ने जारी किया नया सर्कुलर- सरकार के नए सर्कुलर के मुताबिक सभी औद्योगिक और कमर्शियल संस्थानों को एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू करना अनिवार्य है। SOP के एनेक्सचर II के क्लॉज नंबर 5 के मुताबिक, ऑफिस, वर्कप्लेस, फैक्ट्रीज और दूसरे एस्टैब्लिशमेंट में सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करना, कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस मुहैया कराना जरूरी होगा।
सरकार के सर्कुलर के बाद इरडा ने भी सर्कुलर जारी किया जिसमें सरकारी आदेश के मुताबिक कंपनियों को अपने कर्मचारियों को इंडिविजुअल या ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस मुहैया कराना जरूरी होने की बात दोहराई गई है।
अभी तक हेल्थ इंश्योरेंस कराना स्वैच्छिक था जरूरी नहीं जिसकी वजह से कई कंपनियां ये सुविधा अपने कर्मचारियों को नहीं देती थी ।