उद्योग जगत

एविएशन इंडस्ट्री का नक्शा बदलने की तैयारी में सरकार, इन चार एयरपोर्ट से बेचेगी हिस्सेदारी

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद के चार हवाईअड्डों में एएआई की हिस्सेदारी बेचेगी की सरकार देश के 13 और हवाईअड्डों की पहचान के उद्देश्य से अगले वित्त वर्ष के लिए बनाई गई है योजना
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Mar 15, 2021
Govt will sell stake from 4 airports for changing of aviation industry
Govt will sell stake from 4 airports for changing of aviation industry

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश के हवाई अड्डों या यूं कहें कि एविएशन इंडस्ट्री को लेकर जिस तरह के कदम उठा रही है, उससे कुछ ही दिनों में इस सेक्टर का पूरा नक्शा बदलने के आसार दिखाई दे रहे हैं। वास्तव में सरकार पूरे सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के हाथों में सौंपने का बन चुकी है। पहले ही देश के 6 एयरपोर्ट अडानी के हाथों में है। अब देश के चार और प्रमुख एयरपोर्ट की हिस्सेदारी को भी बेचने की तैयारी की जा रही है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर क्या का प्लान...

एयरपोर्ट को सरकार का प्लान
केंद्र सरकार 2.5 लाख करोड़ रुपए की असेट्स मोनेटाइजेशन पाइपलाइन के हिस्से के रूप में चार हवाईअड्डों में अपनी बाकी बची हुई हिस्सेदारी बेचना चाह रही है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद के चार हवाईअड्डों में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की शेष हिस्सेदारी की बिक्री और निजीकरण के लिए 13 और हवाईअड्डों की पहचान के उद्देश्य से लिए अगले वित्तवर्ष के लिए योजना बनाई गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद हवाईअड्डों के संचालन वाले संयुक्त उद्यमों में एएआई की इक्विटी हिस्सेदारी के विनिवेश के लिए मंजूरी लेगा। निजीकरण के लिए पहचाने गए 13 हवाईअड्डों के लिए अधिक आकर्षक पैकेज बनाने के लिए लाभदायक और गैर-लाभदायक हवाईअड्डों की संभावना को देखा जाएगा।

अडानी के पास हैं देश के 6 एयरपोर्ट
नरेंद्र मोदी सरकार के तहत हवाईअड्डों के निजीकरण के पहले दौर में अदाणी समूह ने पिछले साल छह हवाईअड्डों - लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी के लिए अनुबंध हासिल किया। अदाणी एंटरप्राइजेज ने जनवरी में जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डों के संचालन और विकास के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के साथ रियायत समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

50 साल तक के लिए दिए
एक नियामक फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि व्यावसायिक संचालन की तारीख से रियायत अवधि 50 वर्ष की है। इसने कहा कि अदाणी जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, अदाणी गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अदाणी तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट - कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों ने क्रमश: जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे के संचालन, प्रबंधन और विकास के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ 19 जनवरी 2021 को रियायत समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

Updated on:
15 Mar 2021 07:36 am
Published on:
15 Mar 2021 07:31 am