इंस्डस्ट्री के अब 400 अरब डॉलर का हो चुका है नुकसान, सैलरी देने में सक्षम नहीं Textiles Ministry ने Industry को मदद के लिए Finance Ministry से किया संपर्क
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) के कारण कई इंडस्ट्री बर्बादी की कगार पर हैं। करोड़ों लोगों की जॉब संकट में हैं। ऐसी इंडस्ट्रीज को सिर्फ अब सरकार से भरोसा हैं। सरकार से मदद की मांग भी की जा रही है। आज ऐसी ही एक ओर इंडस्ट्री की ओर से करीब 1.30 करोड़ कर्मचारियों की मदद के लिए सरकार से राहत की मांग की है। यह हैंडलूम इंडस्ट्री ( Handloom Industry ), हेंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री ( Handicraft Industry ), गारमेंट इंडस्ट्री ( Garment Industry ) है। जो अब एक करोड़ से ज्यादा काम करने वाले कर्मचारियों को सैलरी भी नहीं दे सकती है। ऑर्डर कैंसल होने के कारण 400 करोड़ डॉलर का नुकसान हो चुका है। इंडस्ट्री का साफ कहना है कि अप्रैल और मई सैलरी में सरकार की ओर से मदद नहीं की गई तो वो यह बोझ नहीं उठा पाएंगे। ऐसे में सरकार को अब आगे आना ही होगा। अब इस गुहार के बाद टेक्सटाइल मिनिस्ट्री ( Textiles Ministry ) ओर से वित्त मंत्रालय ( Finance Ministry ) को राहत के लिए संपर्क किया गया है।
सैलरी देने तक का रुपया नहीं
हैंडलूम, हेंडीक्राफ्ट, गारमेंट इंडस्ट्री के जानकारों की मानें तो अब इंडस्ट्री का कारोबार पूरी तरह से ठप हो चुका है। दो महीने से काम ना होनेे कारण कमाई बिल्कुल भी नहीं हो पाई है। लॉकडाउन ने पूरी इंडस्ट्री को तबाही के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया अहै। अब इंडस्ट्रीज के पास इन कारोबार से जुड़े 1.3 करोड़ कर्मचारियों सैलरी देने लायक रुपया नहीं है। ऐसे में अब सरकार को अप्रैल और मई माह की सैलरी के लिए इंडस्ट्री के रुपया देन ही होगा, तभी इंडस्ट्री को आगे की ओर बढ़ाया जा सकता है। वैसे टेक्सटाइल मंत्रालय की ओर से राहत के लिए वित्त मंत्रालय से संपर्क किया है। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में इस मामले में कोई बड़ी घोषणा होने की भी संभावना है।
400 करोड़ डॉलर का नुकसान
इंडस्ट्री जुड़े जानकारों के अनुसार लॉकडाउन के दौरान सेक्टर को अब 400 करोड़ डॉलर से ज्यादा नुकसान हो चुका है। इंडस्ट्री के ऑर्डर्स और बुकिंग कैंसल या होल्ड पर चली गई हैं। आंकड़ों के अनुसार 40 फीसदी ऑर्डर रद हो चुके हैं। वहीं 40 फीसदी ऑर्डर होल्ड पर चले गए हैं। इंडस्ट्री के अनुसार लॉकडाउन के बाद भी सेक्टर को पटरी पर लाने के लिए 6 महीने से ज्यादा का समय लग सकता है। आपको बता दें कि सरकार एक और राहत पैकेज पर काम कर रही है। जिसमें इंडस्ट्रीज को शामिल करने की योजना है। सरकार बिल्कुल भी नहीं चाहेगी कि जिस इंडस्ट्रीज में करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ें हों और अरबों रुपयों का टर्नओवर हो, वो बर्बाद हो जाए।