HUL की पेरंट कंपनी यूनिलीवर ने भारतीयों पर अपना भरोसा जताया। यूनिलीवर दुनियाभर में अपने विस्तार के लिए भारतीय टैलंट का जमकर इस्तेमाल कर रही है। साल 2005 से पहले हिंदुस्तान यूनिलीवर को हिंदुस्तान लीवर के नाम से जाना जाता था।
इन भारतीयों पर यूनिलीवर ने जताया भरोसा
हाल में यूनिलीवर ने अपने दो अधिकारियों को प्रमोट कर उन्हें वैश्विक भूमिकाओं के लिए चुना था। कंपनी ने नितिन परांजपे को कंपनी का सीओओ बनाया, जबकि संजीव मेहता को यूनिलीवर के साउथ एशिया का प्रेजिडेंट बनाया। ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय ने कंपनी का सीओओ पद संभाला हो, नितिन परांजपे से पहले हरीश मनवानी कंपनी के सीओओ नियुक्त हुए थे। कंपनी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि तीन भारतीयों ने यूनिलीवर के शीर्ष नेतृत्व को संभाला है।
हिंदुस्तान लीवर के नाम से जानी जाती थी हिंदुस्तान यूनिलीवर
कंपनी लगातार भारतीय टैलेंट का इस्तेमाल करती आई है। जब से प्रकाश टंडन को हिंदुस्तान लीवर का चेयरमैन नियुक्त किया गया, तब से लेकर अब तक मात्र एक गैर-भारतीय इसका प्रमुख बना। इतना ही नहीं, साल 2005 से पहले हिंदुस्तान यूनिलीवर को हिंदुस्तान लीवर के नाम से जाना जाता था।
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