
नई दिल्ली। टेलिकॉम कंपनियों के अपने प्लांस के टैरिफ बढ़ाने से भले ही आम उपभोक्ताओं के जेबों पर भार डाल दिया हो, लेकिन इससे कंपनियों के दिन में सुधार आने संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। क्रिसिल रिपोर्ट ( Crisil Report ) में दावा किया है कि 2021 में कंपनियों के ऑपरेटिंग प्रोफिट ( Operating Profit ) में दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगा। 2019 में टेलीकाॅम कंपनियों का ऑपरेटिंग प्रोफिट ( Operating Profit of Telecom Companies ) 29450 रुपए था, जिसके 2021 में 60,570 करोड़ रुपए होने की संभावना है। हाल ही में टेलीकॉम कंपनियों ने बढ़ते कर्ज से उबरने के लिए अपने टैरिफ प्लांस ( tariff plans ) में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। इससे पहले कंपनियों के बीच टैरिफ वॉर ( tariff war ) चल रहा था। जिसकी वजह से कंपनियों के घाटे में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी।
कंपनियों को सरकार को चुकाने हैं 1.47 लाख करोड़ रुपए
सुप्रीम कोर्ट ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू मामले में सरकार के पक्ष में फैसला सुना दिया था। जिसमें कंपनियों को 1.47 लाख करोड़ रुपए भुगतान करने को कहा गया था। वहीं टेलिकॉम कंपनियों पर करीब 4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। जिसकी वजह से टैरिफ बढ़ाना टेलीकॉम कंपनियों की मजबूरी बन गई थी। एक दिसंबर से सभी नई दरों टैरिफ लागू हो गए हैं। जानकारों की मानें इस फैसले के बाद टेलीकॉम कंपनियों में नई जान आएगी। वहीं कंपनियां अब गलाकाट प्रतियोगिता से भी बच जाएंगी।
एयरटेल और वोडा पर कई हजार करोड़ का बकाया
टेलिकॉम सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों एयरटेल और वोडाफोन आईडिया पर कई हजार करोड़ रुपए का बकाया है। दूसरी तिमाही में वोडा आइडिया को करीब 51000 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। वहीं एयरटेल को 23000 करोड़ रुपए का भारी घाटा उठाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एयरटेल को करीब 62000 करोड़ रुपए और वोडा आइडिया को 54000 करोड़ रुपए सरकार को चुकाने हैं। हालांकि सभी कंपनियों को बकाया भुगतान के लिए दो सालों के लिए फौरी राहत जरूर दी गई है।