कोरोना की वजह से देश के कई बिजनेसमैन्स ने ये फैसला किया है कि अपनी कंपनियों में दोबारा जान फूंकने और कोरोना से उबरने के लिए वो हर संभव कोशिश करेंगे बस सैलेरी नहीं लेंगे।
नई दिल्ली: कोरोना की वजह से देश की अर्थव्यवस्था दशकों पीछे चली गई है। GDP ग्रोथ नाममात्र की है और बड़ी-बड़ी कंपनी खर्च कम करने के तरीके ढूंढ रही है। कल खबर मिली थी कि SPICEJET घंटों के हिसाब से सैलेरी देगा तो वहीं रिलायंस ने भी 35 फीसदी सैलेरी काटने तक का ऐलान किया था। इसके साथ ही एक और खबर ने सुर्खियां बटोरी थी वो ये कि मुकेश अंबानी अब सैलेरी नहीं लेंगे। 15 करोड़ सालाना पैकेज पर काम करने वाले रिलायंस ( Reliance ) के मुखिया अब हालात सुधरने तक 0 पैसे सैलेरी पर काम करेंगे।
मुकेश ऐसा करने वाले पहले बिजनेसमैन नहीं है क्योंकि कोरोना की वजह से देश के कई बिजनेसमैन्स ने ये फैसला किया है कि अपनी कंपनियों में दोबारा जान फूंकने और कोरोना से उबरने के लिए वो हर संभव कोशिश करेंगे बस सैलेरी नहीं लेंगे। चलिए आपको बताते हैं कि इस लिस्ट में और कौन-कौन शामिल है।
उदय कोटक- देश के दिग्गज प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा ( Kotak Mahindra bank ) ने कोरोना की वजह से अपने कर्मचारियों की सैलेरी 15 फीसदी काटने का फैसला लिया है। इसके साथ ही बैंक के ceo उदय कोटक ने खुद पूरे साल सिर्फ एक रूपए सैलेरी पर काम करन का फैसला किया है। आपको बता दें कि उदय ( uday kotak ) ने फैसला मुकेश से भी पहले किया था ।
आनंद महिन्द्रा ( Anand Mahindra ) : महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के मालिक आनंद महिन्द्रा ने कंपनी को नुकसान से बचाने के लिए अपनी पूरी सैलेरी न लेने का फैसला किया है। आंद महिन्द्रा फिलहाल गाड़ियां नहीं बल्कि कोरोना के लिए वेंटीलेटर्स का प्रोडक्शन करवा रहे हैं।
विजय शेखर वर्मा- Paytm के फाउंडर विजय शर्मा ने कर्मचारियों की सैलेरी में 20 फीसदी कटौती और खुद 2 महीने तक कोई भी सैलेरी न लेने का फैसला किया है।
रितेश अग्रवाल- oyo rooms के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल ने पूरे साल कोई सैलरी न लेने का फैसला लिया है ताकि संकट में कंपनी को दोबारा खड़ा किया जा सके