जेट एयरवेज के निवेशकों के डूबे 1475 करोड़ रुपए कर्मचारियों के बाद अब निवेशकों की हालत हुई खराब एक साल में हुई 79 फीसदी की गिरावट
नई दिल्ली। देश के दो सबसे बड़े सेक्टर टेलिकॉम और एविएशन बीते कुछ सालों से चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर टेलिकॉम सेक्टर में जियो की एंट्री के बाद जहां बाकी दूसरी कंपनियों की हालत खस्ता हो गई थी। वही हाल आजकल एविएशन सेक्टर में दिखने को मिल रहा है। लेकिन यहां मामला उल्टा है, इस सेक्टर में छोटी कंपनियां तो मुनाफा कमा रही हैं लेकिन बड़ी कंपनियों की हालत खस्ता हो चुकी है। पहले किंगफिशर और अब जेट एयरवेज। हालत यह है कि जेट एयरवेज के बंद होने के बाद जहां उनके 22000 कर्मचारियों का भविष्य अधर में है। वहीं जेट एयरवेज में पैसा लगाने वाले निवेशकों की भी हालत खराब हो चुकी है।
5 दिन में डूबे 1475 करोड़ रुपए
सोमवार के कारोबार में जेट एयरवेज का शेयर 11 साल के निचले स्तर पर आ गया। जिस शेयर का 12 अप्रैल को 262 रुपए का था वो सोमवार को गिरकर 132 रुपए पर आ पहुंचा। जेट एयरवेज की इस गिरावट से निवेशकों को केवल 5 दिन में 1475 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। दरअसल इन 5 दिनों में कंपनी का मार्केट कैप घटकर 1889 करोड़ का रह गया है।
1 साल में ऐसे बदहाल हुआ जेट एयरवेज
आपको बता दें कि जेट की इस हालत की शुरुआत एक साल पहले से ही दिखने लगी थी। करीब 8500 करोड़ रुपए के बोझ तले दबी इस एयरलाइंस के शेयर का भाव एक साल पहले 618 रुपए था जो अब घटकर 132 रुपए पर आ पहुंचा है। मतबल एक साल में कंपनी के शेयर में करीब 79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
यात्री, कर्मचारी के बाद अब निवेशक परेशान
जेट एयरवेज की इस हालत की वजह से वो यात्री भी परेशान हैं, जिन्होनें कई महीनों की एडवांस में टिकट बुक कर रखी है। तो वहीं अस्थाई रुप से बंद होने की घोषणा के बाद इसके कर्मचारियों की हालत खराब है। अब इसका असर जेट के निवेशकों पर भी साफ देखा जा रहा है। मान लिजिए आपने एक साल पहले अगर जेट में 1 लाख रुपए का निवेश किया होगा तो आपके रुपए बढ़ने के बजाय घटकर केवल 21000 रुपए रह गए हैं।