2018-19 में मोबाइल फोन का आयात घटकर 40 करोड़ डॉलर हुआ स्मार्टफोन इम्पोट्र्स घटकर 2018-19 में हुआ 121.6 करोड़ डॉलर
नई दिल्ली। आने वाले बजट 2020 ( budget 2020 ) सत्र में मोबाइल हैंडसेट के आयात पर मूल सीमा शुल्क 20 फीसदी ( Basic Customs Duty on Import of Mobile Handsets 20 Percent ) रखा जा सकता है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सरकार आगामी बजट में ऐसा कर सकती है। इससे पहले सरकार की ओर 10 फीसदी मूल सीमा शुल्क किया था। इस फैसले के बाद से आयातित मोबाइल फोन ( Imported Mobile Phone ) महंगे हो सकते हैं। इसके पीछे सरकार की धारणा है कि विदेशी मोबाइल कंपनियों की ओर से देश में मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स लगा ली हैं।
आयात और निर्यात दोनों घटे
सूत्रों ने कहा कि ड्यूटी बढ़ाने के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 2017-18 की तुलना में 93.5 करोड़ (935 मिलियन) डॉलर से 2018-19 में मोबाइल फोन (पुश बटन प्रकार) का आयात घटकर 40 करोड़ (400 मिलियन) डॉलर हो गया। इसी क्रम में स्मार्टफोन इम्पोट्र्स भी घटा है। 2017-18 में जहां यह 260.2 करोड़ (2,602 मिलियन) डॉलर था, वहीं 2018-19 में यह घटकर 121.6 करोड़ (1,216 मिलियन) डॉलर हो गया।
भारत में हैंडसेट का उत्पादन बढ़ा
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मोबाइल हैंडसेट का उत्पादन 2014-15 में 18,900 करोड़ रुपये (छह करोड़ यूनिट) से बढ़कर 2018-19 में 1,70,000 करोड़ रुपये (29 करोड़ यूनिट) हो गया है। वीवो, ओप्पो, नोकिया, सैमसंग और शाओमी जैसे सभी विदेशी मोबाइल फोन मेकर्स ने भारत में ही अपनी यूनिट लगा ली है और इनके उपकरणों की असेंबलिंग के बजाए यहीं फोन बनाने का काम कर रही है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे उन्नत दूरसंचार कंपनी एप्पल इंक ने भारत में अपना नवीनतम आईफोन एक्सआर बनाना शुरू कर दिया है और परिचालन का विस्तार भी कर रही है।