छोटे शहरों और गांवोंं में 24 घंटे बिजली देने का रखा है लक्ष्य बिजली वितरण कंपनियों के घाटे को 15 फीसदी से कम करना होगा एक फरवरी को बजट 2020 पेश करेंगी वित्त मंत्र निर्मला सीतारमण
नई दिल्ली। देश की बिजली वितरण कंपनियों के घाटे को कम करने और उन्हें वित्तीय रूप मजबूत करने की दिशा में उदय योजना की शुरूआत की गई थी, जो पूरी तरह से सफल हुई थी। अब इसमें और सुधार करते हुए नई उदय योजना का बजट में ऐलान हो सकता है। जिसके संकेत बिजली मंत्री आरके सिंह ने दिए हैं। आपको बता दें कि देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट 2020 पेश करेंगी।
छोटे और गांवों में 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य
पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरके सिंह ने कहा कि उनके मंत्रालय की ओर से वित्त मंत्रालय से नई उदय योजना के बारे में विस्तार से बात की है। जिसकी बजट में घोषणा होने की उम्मीद है। बिजली उपलब्धता के बारे में बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश के सभी बड़े शहरों में 23 से 24 घंटे तक बिजली मुहैया कराई जा रही है। वहीं बात छोटे शहरों की करें तो 22 और गांवों में 18 से 20 घंटे बिजली रोजाना उपलब्ध कराई जा रही है। छोटे शहरों और गांवों में 24 घंटे बिजली देना लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले की योजनाओं को खत्म कर एक या दो योजनाओं में समेट दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को केंद्र से बिजली क्षेत्र से जुड़े सभी लाभ प्राप्त करने के लिए नुकसान को कम करना होगा।
कंपनियों के नुकसान को लाया जाएगा 15 फीसदी से नीचे
आरके सिंह ने कहा कि अब उनका लक्ष्य बिजली वितरण कंपनियों के नुकसान को 15 फीसदी से नीचे लाने का है। उन्होंने कहा कि राज्यों को अब सब्सिडी के बारे में गंभीरता से विचार करना होगा। उदय योजना के माध्यम से सरकार बिजली वितरण कंपनियों के नुकसान को 22 फीसदी से 18 फीसदी पर लेकर आई है। अब इसे 15 फीसदी से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है। बीते साल सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों द्वारा बिजली खरीद के लिए साख पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया है।