उद्योग जगत

पूरे देश का पेट भरने में जुटी हैं रेलवे की ‘स्पेशल 25’ अन्नापूर्णा ट्रेन

नॉर्दन रेलवे ने 5000 टन भार वाली अन्नपूर्णा मालगाडिय़ां चलाईं नॉर्दन रेलवे ने अकेले 53 फीसदी खाद्यान्न का लदान कर रिकॉर्ड बनाया पिछले वर्ष से 137 फीसदी अधिक 15.75 लाख टन खाद्यान्न भेजा गया

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Northern Railway runs Annapurna goods trains weighing 5000 tons

नई दिल्ली। कोरोना वायरय की वजह से किए गए लॉकडाउन के दौरान रेलवे देश में आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में लगी हुई है। जिसके तहत रेलवे की ओर से ऐसी 25 स्पेशल अन्नापूर्णा पूरे देश में देश के लोगों का पेट भरने का काम कर रही हैं। वास्तव में नॉर्दन रेलवे दिन-रात प्रयास कर मालगाडिय़ों के जरिए जरूरी सामान की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। इस बीच केंद्र सरकार भी यह सुनिश्चित करने में लगी है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रखने के साथ-साथ कृषि उपज को भी विभिन्न राज्यों तक बिना किसी बाधा के पहुंचाया जाए। इस बढ़ती हुई जरूरतों और मांग के मद्देनजर उत्तर रेलवे ने 5000 टन खाद्यान्न भार वाली लंबी दूरी की अन्नपूर्णा मालगाडिय़ां चलाई हैं। ऐसी 25 अन्नपूर्णा मालगाडिय़ां उत्तर रेलवे द्वारा देश के विभिन्न भागों के लिए चलाई जा रही हैं।

रिकॉर्ड सप्लाई
उत्तर रेलवे के अधिकारी दीपक कुमार के अनुसार लॉकडाउन के दौरान नॉर्दन ने अकेले 53 फीसदी खाद्यान्न का लदान किया है। जानकारी के अनुसार नॉर्दन रेलवे ने एक दिन में रिकॉर्ड 51 रैक का लदान किया, जो अब तक का एक दिन का सर्वाधिक लदान है। अब तक 15.75 लाख टन खाद्यान्न भेजा गया है, जो कि पिछले वर्ष से 137 फीसदी अधिक है।

रेलवे कर रहा है कड़ी मेहनत
रेलवे के अनुसार, पूरे देश में अधिक मांग होने की वजह से उत्तर रेलवे पर लदान का औसत 15 रैक प्रतिदिन से बढ़कर 51 रैक प्रतिदिन हो गया है। रेलवे ने कहा कि अभी श्रमिकों और ट्रकों की भारी कमी है। इसके बावजूद टर्मिनलों पर माल का लदान करना और उतारना सुनिश्चित करने के लिए उत्तर रेलवे कड़ी मेहनत कर रही है। इसी वजह से 9 अप्रैल को अब तक एक दिन का सर्वाधिक 51 रैक का खाद्यान्न लदान अर्जित किया गया, जो एक रिकॉर्ड है।

नॉर्दन रेलवे सबसे आगे
उत्तर रेलवे ने बताया कि राज्यों को खाद्यान्न की आपूर्ति करने में यह जोन सबसे आगे है। लॉकडाउन अवधि के दौरान कुल खाद्यान्न लदान का लगभग 53 फीसदी अकेले उत्तर रेलवे द्वारा किया गया है। उत्तर रेलवे ने खाद्यान्न के 573 रैकों (15.7 लाख टन) का लदान किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 135 फीसदी ज्यादा है।

Updated on:
18 Apr 2020 09:58 am
Published on:
18 Apr 2020 08:08 am
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