
नर्इ दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मशहूर पेनकिलर सेरीडॉन को बैन किए फिक्स्ड डोज काॅम्बिनेशन (FDC's) लिस्ट से बाहर कर दिया है। पिछले साल सितंबर माह में ही बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पीरामल को स्टे का आदेश दिया था। इसके बाद पीरामल केा इस दवा की उत्पादन की सहमति मिल गर्इ। कंपनी ने लगातार इस दवा का उत्पादन किया है। कंपनी इस दावा की बिक्री भी लगातार कर रही है।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में दी जानकारी
पीरामल एंटरप्राइज की एग्जीक्युटीव डायरेक्टर, नंदिनी पीरामल ने कहा, वो इस बात के लिए काॅन्फिडेन्ट थे कि कानूनी रूप से उन्हें जीत मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, "भारत में पिछले 50 सालों से सैरीडन पर लोगाे द्वारा भरोसा किया जाता है। एेसे में FDC's लिस्ट में छूट के बाद हम अपने ग्राहकों को यह सेवा देते रहेंगे। हम अपने हेल्थकेयर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को आगे बढ़ाते रहेंगे। हमारा लक्ष्य साल 2020 तक भारत के टाॅप तीन आेवर-द-काउन्टर प्रोडक्ट में जगह बनाना है। " उन्होंने यह बात एक्सचेंज फाइलिंगी में दी।
भारत में हर सेकेंट 31 सेरीडॉन टैबलेट बेचा जाता है।
बता दें कि सेरीडॉन भारत में सबसे अधिक डिस्ट्रीब्यूट होने वाला एनलजेसिक दावा है। इसके लिए कंपनी का कुल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क 9 लाख आउटलेट्स का है। हाल ही में किए गए नीलसन के एक सर्वे के मुताबिक, भारत में हर सेकेंड में 31 सैरीडाॅन टैबलेट बेचा जाता है।
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