इस टेस्ट में सरकारी कंपनी बीएसएनएल सबसे फिसड्डी साबित हुई है।
नई दिल्ली। दूरंसचार क्षेत्र में दो वर्ष पहले कदम रखने वाली मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो एक और कीर्तिमान स्थापित करते हुए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के काल ड्रॉप परीक्षण में भी खरी उतरी है। ट्राई के काल ड्रॉप परीक्षण में रिलायंस जियो को छोड़कर अन्य कोई कंपनी सफल नहीं हो सकी। ट्राई के अनुसार जियो के अलावा कोई भी कंपनी काल ड्रॉप मामले में उसके नियमों पर खरी नहीं उतर पाई। नियामक ने यह परीक्षण देश के आठ प्रमुख राजमार्गों और तीन रेल मार्गों पर करवाए थे। सभी परीक्षण इसी वर्ष 24 अगस्त से चार अक्टूबर के बीच हुए।
बीएसएनएल की स्थिति सबसे ज्यादा खराब
रिलायंस जियो सभी राजमार्गों पर ट्राई के काल ड्रॉप नियामकों पर सफल हुई, जबकि अन्य कंपनियां कहीं मुश्किल से सफल तो कहीं असफल रहीं। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीएसएनएल की स्थिति इस मामले में सबसे खराब रही। एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियां भी कई राजमार्गों पर तय मानकों पर सफल नहीं हुई। ट्राई के तीन रेल मार्गों पर कल ड्रॉप टेस्ट में एक मात्र रिलांयस जियो मानकों को पार करने में सफल हुई, जबकि अन्य सभी फिसड्डी साबित हुई। यह परीक्षण प्रयागराज से गोरखपुर, दिल्ली से मुंबई और जबलपुर से सिंगरौली के बीच कराए गए। राजमार्गों की तुलना में रेल मार्गों पर कवरेज और काल ड्रॉप की स्थिति और खराब रही।