
नई दिल्ली। शराब और सिगरेट से सरकार को काफी राजस्व मिलता है, लेकिन मौजूदा समय में सरकार को आमदनी काफी कम हो रही है। जिसकी वजह से सरकार ड्यूटी फ्री शराब और सिगरेट खरीद पर नियमों का कढ़ा करने का मन बना लिया है। यहां तक कि संबंधित मंत्रालय ने बजट में शामिल करने के लिए इन नियमों की सिफारिश भी भेज दी है। आइए आपको भी बताते हैैं कि आखिर सरकार की आकर से शराब और सिगरेट पर किस तरह से नियमों को सख्त करने जा रही है।
विदेशी पर्यटकों के यह बुरी खबर है कि वाणिज्य मंत्रालय ने बिना शुल्क उन्हें सिर्फ एक बोतल शराब खरीदने का इजाजत देने का प्रस्ताव किया है। वहीं, वाणिज्य मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से यह भी सिफारिश की है कि शुल्क-मुक्त दुकानों पर सिगरेट के कार्टन की खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। वाणिज्य मंत्रालय ने ये सिफारिशें आगामी आम बजट के प्रस्ताव के रूप में भेजी हैं।
इस समय विदेशी पर्यटकों को बिना शुल्क के दो लीटर शराब और एक कार्टन सिगरेट खरीदने की इजाजत दी गई है। कुछ देशों में विदेशी पर्यटकों को सिर्फ एक लीटर शराब बिना शुल्क खरीदने की अनुमति है। भारत में भी अब इस परंपरा को लागू किया जा सकता है।
यह प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार व्यापार घाटे को कम करने के लिए अनावश्यक वस्तुओं के आयात में कटौती करने पर विचार कर रही है। आयात कम करने और आयात शुल्क बढ़ाने की रणनीति के तहत ये कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके फलस्वरूप घरेलू उद्योग को फायदा मिलेगा और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। शुल्क-मुक्त दुकानें वहां होती हैं, जहां आमतौर पर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक बिना किसी आयात शुल्क के 50,000 रुपये मूल्य तक की वस्तुएं खरीद सकते हैं।