
पिछले महीने ही होनी थी घोषणा-
Walmart International की सीईओ Judith McKenna पिछले महीने इस डील के बारे में ऑफिशियल अनाउंसमेट के लिए इंडिया आई थी लेकिन दोनो ग्रुप्स के बीच कुछ भी फाइनल न हो पाने की वजह से ऐसा नहीं हो सका ।
सूत्रों की मानें तो हाल ही में nclat द्वारा साइरस मिस्त्री को फिर से टाटा ग्रुप की बागडोर सौंपने से इस डील में थोड़ी देरी होने की संभावना है।
दोनों को होगा फायदा-
इस पार्टनरशिप से जहां एक ओर Walmart International के इंडियन बिजनेस को रफ्तार मिलेगी वहीं टाटा को भी घरेलू बाजार में रीटेल सेक्टर में पांव पसारने का मौका मिलेगा।
Walmart के फिलहाल पूरे देश में 28 स्टोर हैं और बैंग्लुरू बेस्ड फ्लिपकार्ट ( FlipKart ) में बड़ी भागेदारी है। जो myntra और Flipkart जैसी ऑनलाइन ई स्टोर्स चलाते हैं। Walmart के अलावा फिलहाल इस सेक्टर में Metro AG, Reliance और कुछ नए प्लेयर्स बड़ी भूमिका में हैं।
थोक रिटेलिंग में 100 FDI को है मंजूरी-
आपको बता दें कि सरकार की तरफ से थोक रिटेल सेक्टर में अब 100 FDI को मंजूरी मिल चुकी है। Walmart ने 2007 में भारती एंटरप्राइजेज के साथ मिलकर इस क्षेत्र में प्रवेश किया था लेकिन दोनो ही कंपनियों ने 2013 में इस ज्वाइंट वेंचर को खत्म कर दिया था।