इटारसी

एमपी के इन कर्मचारियों की छुट्टी रद्द, धान की बढ़ती आवक को देखते हुए लिया गया फैसला

arrival of paddy: मध्य प्रदेश (MP) के इटारसी कृषि उपज मंडी में धान की बढ़ती आवक को देखते हुए प्रशासन ने 21 से 29 मार्च तक मंडी सातों दिन खोलने का फैसला लिया है, जिससे किसानों को अधिक सुविधा मिलेगी।
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Mar 22, 2025
increasing arrival of paddy in Itarsi Krishi Upaj Mandi in mp

arrival of paddy: कृषि उपज मंडी इटारसी में लगातार धान की आवक हो रही है, जिससे किसानों को सुविधा देने के लिए मंडी प्रशासन ने अब शासकीय अवकाश के दिनों में भी काम करने का फैसला लिया है। मंडी प्रशासन ने 21 मार्च से 29 मार्च तक सातों दिन मंडी को खुला रखने का निर्णय लिया है। मंडी समिति के सचिव अरविंद परिहार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस अवधि में मंडी में हर दिन नियमित रूप से धान की नीलामी और तौल का काम होगा। इस दौरान शनिवार और रविवार को भी मंडी में कार्य होगा। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस अवधि में मंडी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द (leave cancelled) कर दी गई हैं।

किसानों से की अपील

मंडी प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे व्यवस्था में सहयोग करें ताकि धान की नीलामी और तौल की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। यह आदेश अतिरिक्त विकास अधिकारी (राजस्व) और भारसाधक अधिकारी मंडी की ओर से जारी किया गया है। इसके अलावा, इस संबंध में मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल, कलेक्टर नर्मदापुरम, व्यापारी संगठनों और मीडिया को भी सूचना दी गई है।

कर्मचारियों की भारी कमी से मंडी प्रशासन परेशान

इटारसी कृषि उपज मंडी को स्टाफ की कमी के चलते कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले की ए-ग्रेड इटारसी कृषि उपज मंडी में कुल 72 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से आधे से अधिक वर्षों से खाली पड़े हैं। वर्तमान में केवल 32 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से कुछ महिलाएं और विकलांग कर्मचारी भी शामिल हैं।

मंडी प्रशासन की दिक्कत

मंडी प्रशासन को सुरक्षा से लेकर नीलामी तक का पूरा कार्यभार इसी सीमित स्टाफ के भरोसे चलाना पड़ रहा है। बढ़ती आवक और स्टाफ की कमी को देखते हुए, इटारसी मंडी की मांग पर मंडी बोर्ड ने नर्मदापुरम कृषि उपज मंडी से 6 कर्मचारियों को वैकल्पिक रूप से इटारसी कृषि उपज मंडी में पदस्थ करने के आदेश जारी किए थे।

यह आदेश 4 मार्च को जारी हुआ था, लेकिन इसके बावजूद केवल तीन कर्मचारियों सुधीर यादव, साक्षी रघुवंशी और निशांत कुमार ने ही अपनी आमद दर्ज कराई है। अन्य तीन कर्मचारी, अजय जामडे, अशोक मातनकर और संदीप मालवीय अब तक अपनी नियुक्ति पर नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में, मंडी प्रशासन को सीमित स्टाफ के साथ ही बढ़ती आवक को संभालना पड़ रहा है, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।

Updated on:
22 Mar 2025 11:14 am
Published on:
22 Mar 2025 11:14 am