10 हैडपम्प और घरों में पहुंचने वाले पानी के लिए नमूने
जबलपुर. करीब 22 सौ की आबादी वाली ग्राम पंचायत कछपुरा में पिछले एक सप्ताह में 16 लोग जांच में टाइफाइड से ग्रसित मिले हैं। इसके अलावा गांव के दो वार्डों में बुखार से पीडि़त 50 लोग सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को कछपुरा गांव में घर-घर पहुंचकर बुखार से पीडि़त 40 लोगों के ब्लड सेम्पल लिए, साथ ही आवश्यक दवाएं दीं।
ग्रामीणों ने नलजल योजना के टयूबवेल के माध्यम से घरों तक तालाब का दूषित पहुंचने को बीमारी का कारण बताया था, जिसके बाद पीएचई विभाग ने ट्यूबवेल के नमूने जांच करने लिए थे। जांच में ट्यूबवेल का पानी दूषित नहीं पाया गया। रविवार को पीएचई विभाग ने घरों में पहुंचने वाले पानी के अलावा 10 हैंडपम्पों के नमूने लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए जबलपुर सेंट्रल लैब भेजा जाएगा।
बीएमओ डॉ दीपक गायकवाड ने बताया कि तीन से 10 मई के बीच 40 लोगों की जांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में की गई, जिसमें 16 ग्रामीणों की रिपोर्ट टाइफाइड पॉजिटिव निकली है, वहीं 50 ऐसे लोग भी हैं, जिनको तेज बुखार की शिकायत सामने आई है। ग्राम में वार्ड सात चौधरी मोहल्ला और वार्ड नम्बर-12 विश्वकर्मा मोहल्ले में बुखार और टाइफाइड के मामले ज्यादा सामने आए हैं।
कछपुरा गांव में जो लोग बुखार से पीडि़त हैं, उनके ब्लड सेम्पल लेने के निर्देश दिए गए हैं। पीएचई विभाग को नल-जल योजना के ट्यूबवेल के नमूने लेने के लिए कहा गया था। प्रारंभिक जांच में ट्यूबवेल के पानी में कोई गड़बड़ी नहीं होने की बात सामने आई है। गांव में लगे हैंडपंप और जिन घरों में टाइफाइड के पीडि़त मिले हैं, वहां जाने वाली पाइपलाइन के पानी के नमूने जांच के लिए आज लिए गए हैं।
चंद्र प्रताप गोहिल, एसडीएम, सिहोर