
जबलपुर। देश में काला धन यानि ब्लैक मनी खत्म करने के लिए की गई नोटबंदी के बाद जारी 2000 रुपये के नोट भी अब बाजार से गायब होने लगे हैं। ऐसे में एटीएम में पैसों की कमी आ गई है और लोग पैसे निकालने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि कालेधन के कारोबारियों ने कुंडली मार ली है। जिससे ये स्थिति पैदा हुई है। वहीं आर्थिक जानकारों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने ही बड़े नोटों की सप्लाई कम कर दी है। 2000 रुपये के नोटों की कमी चर्चा का विषय बना हुआ है।
about- लोग परेशान, बाजार भी प्रभावित, एटीएम खाली, बैंकों में लगी कतार
जबलपुर समेत पूरे मध्य प्रदेश में तो स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इसे साजिश करार देते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही है। बैंक सूत्रों की मानें तो २००० के नोटों को डंप करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है, इसके बाद आयकर विभाग समेत अन्य विभागों द्वारा कार्रवाई की जा सकती है।
जबलपुर जिले के ऐसे हैं हालात
एटीएम में नोटों की कमी का संकट लगातार बना हुआ है। लोग अभी भी पैसे के लिए यहां से वहां भटक रहे हैं। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को जब बैंक खुले तो ग्राहकों की भीड़ वहां उमड़ पड़ी। रुपए निकालने वालों की लंबी कतार लग गई। कई ग्राहकों ने एटीएम में लंबे समय से नोट नहीं होने पर आक्रोश दिखाया। इससे कुछ बैंकों में माहौल गर्म हो गया। शहर के एटीएम में पहले की तरह स्थिति बनी हुई है। बैंकों की ओर से एटीएम में नोट ही नहीं डाले जा रहे हैं। यदि कहीं नोट भरे गए तो वह इतने कम थे कि कुछ ही समय में खाली हो गए। कई लोग तो एेसे रहे जो पूरा शहर केवल पैसा निकालने के लिए घूमते रहे। कुछ को एटीएम में पैसे मिल गए, लेकिन ज्यादातर को निराश होना पड़ा। पैसे नहीं होने का
असर बाजार पर भी पड़ रहा है।
२ हजार के नोट से बढ़ा संकट : बैंकिंग क्षेत्र से जुडे़ सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक से २ हजार रुपए के नए नोट आना लगभग बंद हैं। बैंक पहले ही पर्याप्त मात्रा में नोट छापकर बैंकों को भेज चुका है। यह नोट चलन में तो आए लेकिन वापस बैंक नहीं पहुंच रहे हैं। इससे बड़ा संकट खड़ा होने लगा है। अभी बैंकों को छोटे नोट भरने पड़ रहे हैं।
आंचलिक कार्यालय का एटीएम भी खाली
भारतीय स्टेट बैंक के विजय नगर स्थित आंचलिक कार्यालय के नीचे लगे एटीएम बंद पडे़ हैं। उनमें नोट ही नहीं है। अब इससे समझा जा सकता है कि जब कार्यालय के आसपास का यह हाल है तो दूसरी जगहों के एटीएम की स्थिति कैसी होगी।