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kaal bhairav mantra sadhna – काल भैरव के इस मंत्र से जीवन में नहीं आएगी कोई बाधा, जानें ये उपाय

काल भैरव बाबा जीवन में सफलता के नए द्वार प्रशस्त करते हैं
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 21 Oct 2017, 3:48 PM IST

kalashtami bhairav puja vidhi vrat katha in hindi

kalashtami bhairav puja vidhi vrat katha in hindi

जबलपुर। मां काली के पुत्र कहे जाने वाले भगवान कालभैरव का पूजन विशेष कर शनिवार को किया जाता है। जबलपुर स्थित बाजना मठ मंदिर में काल भैरव बाबा की बाल रुप प्रतिमा स्थापित है। यह सिद्ध तांत्रिक मंदिर भी माना जाता है। जहां शनिवार को तेल चढ़ाने और भगवान का पूजन करने से समस्त बाधाएं दूर हो जाती हैं। वही काल भैरव बाबा जीवन में सफलता के नए द्वार प्रशस्त करते हैं।

ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु भेद डॉ सत्येंद्र स्वरुप शास्त्री के अनुसार यदि कालभैरव भगवान के वाहन कुत्ते को प्रसन्न कर लिया जाए तो भगवान स्वयं प्रसन्न हो जाते हैं और मनोकामना पूर्ति करते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही उपाय।
पहला उपाय - एक रोटी पर मध्यमा और तर्जनी उंगली को तेल में डुबोकर लाइन बना लें और उसे दो रंग वाले किसी कुत्ते को खिला दे। यह क्रिया रविवार बुधवार गुरुवार को करने से भगवान भैरवनाथ प्रसन्न होते हैं।


दूसरा उपाय- सुबह स्नानादि करने के बाद कुश का आसन बना कर बैठे। सामने भगवान की छोटी प्रतिमा या तस्वीर रख कर पंचोपचार विधि से पूजन करें। साथ में रुद्राक्ष की माला लेकर यह मंत्र बोले- 'ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम: इस मंत्र का पांच बार जाप करें।

तीसरा उपाय- कोई ऐसा काल भैरव मंदिर खोजें जहां बहुत कम लोग आते जाते हो। वहां जाकर सिंदूर तेल से भैरव प्रतिमा को चोला चढ़ाएं। जबलपुर के लोग बाजना मठ जा सकते हैं यह सिद्ध तांत्रिक मंदिर भी है। इसके बाद भगवान को नारियल जलेबी का भोग लगाएं। याद रहे कि जो भगवान बहुत कम पूजे जाते हैं वहां पूजन करने से भगवान भैरवनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

चौथा उपाय- काल भैरव नाथ की पूजा एक अन्य मंत्र से भी की जा सकती है। यह मंत्र बीज मंत्र कहलाता है। ॐ कालभैरवाय नम:। ॐ भयहरणं च भैरव:। ॐ ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं। ॐ भ्रं कालभैरवाय फट्। इस माला कम से कम इस का जाप 11 बार माला जाप करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होगा।

पांचवा उपाय - बेलपत्र की 21पत्तियां लेकर चंदन से उनमें ओम नमः शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। साथ ही एक मुखी रुद्राक्ष भी अर्पण करें। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। याद रहे यदि आपको कोई भी समस्या है तो आप अपने ज्योतिषाचार्य से संपर्क कर उनके बताये अनुसार काल भैरव की पूजा कर सकते हैं।