
जबलपुर। जबलपुर जिला कोर्ट के वकील लगातार दूसरे दिन हड़ताल पर रहे। इससे कोर्ट का कामकाज बंद रहा। हड़़ताल के दौरान वकीलों ने न्यायालय परिसर के पास रैली निकाली। तहसील चौक पर प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वकीलों ने काफी देर तक प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने पुलिस का पुतला फंूकने की कोशिश भी की। इस दौरान कई बार गहमागहमी की स्थिति भी निर्मित हुई।
इस पुलिस से नाराज
जिला कोर्ट में प्रदर्शन कर रहे वकील सीधी पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज है। सीधी पुलिस की वकीलों पर की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे है। वकीलों के प्रदर्शन का गुरुवार को लगातार दूसरा दिन है। इससे पहले बुधवार को दोपहर बाद वकीलों ने अचानक बंद का आव्हान किया था। इसके बाद सीधी पुलिस के अफसरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कोर्ट के वकीलों ने आंदोलन छेड़ दिया है। वकीलों के अचानक कार्य बंद किए जाने से कोर्ट पहुंचने वाले लोग दो दिन से परेशान हो रहे है।
भारत बंद से कनेक्शन
एससी-एसटी एक्ट को लेकर दलित संगठनों द्वारा 2 अप्रैल को कराए गए भारत बंद के विरोध में 10 अप्रैल को घोषित भारत बंद के दौरान सीधी में पुलिस ने कुछ वकीलों की पिटाई कर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने इतनी बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई कि उससे एक वकील गंभीर रुप से घायल हो गया है। जबकि कई अधिवक्ता चोटिल हुए है। सीधी में वकीलों पर हुए इस लाठीचार्ज के विरोध में जबलपुर जिला अदालत के वकील आंदोलन कर रहे है। सीधी में साथी वकीलों पर बेरहमी से जबरन लाठियां बरसाने वाले सीधी जिले के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे है।
ऐसे बिगड़ी बात
ृ10 अप्रैल को बंद के दौरान सीधी में पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कुछ वकील सीधी जिला कोर्ट के पास एकत्रित हुए। वकीलों का एक समूह बंद का समर्थन कर रहा था। ये वकील पुुलिस द्वारा बंद के दौरान किए गए लाठीचार्ज का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने जब पुलिस के खिलाफ भी नारे लगाएं तो वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने वकीलों पर भी लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। इससे वकील नाराज हो गए। वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने बंद को शांतिपूर्वक समर्थन दे रहे वकीलों पर जबरन बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई। इस घटना में सीधी के वकीलों के समर्थन में जबलपुर के वकील भी उतर आ गए। जिला अधिवक्ता संघ दो दिन से हड़ताल पर है।