
जबलपुर। धार्मिक एवं ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली अमावस्या तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। ऐसा माना जाता है कि अमावस्या के दिन प्रेतात्माएं ज्यादा सक्रिय रहती हैं इसीलिए चौदस और अमावस्या के दिन बुरे कार्यों तथा नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखने में हमारी भलाई है और इन दिनों विशेषकर धार्मिक कार्यों तथा मंत्र जाप, पूजा-पाठ आदि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिन पितृ तर्पण, स्नान-दान आदि करना बहुत ही पुण्य फलदायी माना जाता है।
मंत्र जाप करें
अमावस्या तिथि और बुधवार के कारण यह योग बहुत ही खास हो गया है। इस दिन भगवान गणेश और देवाधिदेव भगवान शंकर की पूजा जरूर करें। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पूजा घर में स्थित शिवलिंग की विधिसम्मत पूजा करें। शिवजी का जलाभिषेक करें, शिव स्तोत्र, शिव तांडव स्तोत्र आदि का पाठ करें। ओमकार मंत्र ऊँ नम शिवाय का कम से कम 1 माला जाप करें। इस मंत्र को इस दिन अधिक से अधिक जाप करें।
साधना का विशेष महत्व
ज्योतिषाचार्य पं. अखिलेश त्रिपाठी के अनुसार माह की अंतिम तारीख और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या होती है। इस दिन आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता, रात्रि में सर्वत्र गहरा अंधकार छाया रहता है। तंत्र शास्त्र में अमावस्या का अत्यंत महत्व है एवं इस दिन किए गए उपाय बहुत ही प्रभावशाली होते हैं और इनका फल भी अति शीघ्र मिलता है। पितृ दोष हो या किसी भी ग्रह की अशुभता को दूर करना, अमावस्या के दिन सभी के लिए उपाय बताए गए हैं। इस दिन तंत्र विद्या और अनेक सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। जीवन के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए अमावस्या के दिन लाभकारी अचूक उपायों के बारे में जानें
समृद्धि के लिए ये करें उपाय
ज्योतिषाचार्य पं. जनार्दन शुक्ल के अनुसार जीवन में आईं अनेक समस्याओं के निवारण अमावस्या पर केवल एक उपाय से किया जा सकता है। अमावस्या पर एक सूखे नारियल में एक छोटा सा छेद करके उसमें शक्कर का बूरा भर दें और इसे किसी उजाड़ जमीन, जहां चींटियों की बांबी हो, उसमें नारियल पर किया गया छेद धरती के ऊपर की तरफ कर के गड़ा दें। यह उपाय करते समय सतर्क रहें और लौटते समय पीछे मुड़कर न देखें। इस उपाय से घर में सुख-समृद्धि का वास होगा।