
jansunwai in jabalpur
जबलपुर. प्रदेश सरकार ने गांव, जनपद और तहसील स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं होने पर हर मंगलवार जिला मुख्यालय में जनसुनवाई की व्यवस्था इसलिए बनाई थी कि लोगों को त्वरित राहत मिल सके। लेकिन जबलपुर में जनसुनवाई का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में है। तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि कई विभागों के अधिकारी शिकायतों के निराकरण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और हजारों आवेदन महीनों तक लंबित पड़े हैं।
वर्ष 2024 में जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों में से 1529 मामलों का निराकरण नहीं हो सका। इसके बाद वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढकऱ 2502 लंबित शिकायतों तक पहुंच गया। वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 13 जुलाई तक 2149 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 1499 शिकायतें अब भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। जिले के मुखिया कलेक्टर जनसुनवाई में अफसरों को समस्या समाधान कराए जाने का निर्देश देते हैं। विभागों के अफसर एक कान से सुनते हैं और दूसरे कान से बात को निकाल देते हैं और फरियादी फिर फरियाद लेकर चक्कर काटता फिरता है।
स्थिति यह है कि जनसुनवाई में अधिकांश शिकायतें सडक़, पानी, बिजली, राजस्व, पेंशन, अतिक्रमण और नामांतरण, सीमांकन, बंटाकन, संबल, राशन जैसी रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़ी होती हैं, जिनका निराकरण अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। इसके बावजूद फरियादियों को एक नहीं, कई बार कलेक्ट्रेट और संबंधित विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दूर-दराज गांवों से लोग किराया खर्च कर और पूरा दिन बर्बाद करके राहत की उम्मीद में कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं, लेकिन फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। ऐसे में सवाल यह है कि जब जनसुनवाई में दर्ज शिकायतों का समय पर समाधान ही नहीं होगा, तो आम लोगों का इस व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा।
वर्ष शिकायतें रिप्लाई डिस्पोजल पेंडिंग
2026 2149 526 124 1499
2025 4397 1197 698 2502
2024 3757 1780 448 1529
जनसुनवाई में राजस्व विभाग से संबंधित सर्वाधिक शिकायतें लंबित हैं। लोग जमीन-जायदाद के काम के लिए खासे परेशान हो रहे हैं। 2024 की एक हजार, 2025 की 1484 मामले व जनवरी से अभी तक 926 मामले लंबित पड़े हैं। हालसाल में महिला बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम, नगर निगम, रेडक्रॉस सोसायटी, विद्युत विभाग सहित जनपद व जिला पंचायत की शिकायतें लंबित हैं।
रिछाई निवासी रीना कोल के पति चम्पा कोल की 27 अक्टूबर को मौत हो गई है, लेकिन अभी तक संबल योजना के तहत मृत्यु सहायता राशि नहीं दिलाई गई। महिला कार्यालयों के चक्कर काटकर परेशान है।
पूजा ठाकुर ने कलेक्टर को बताया कि पति राधे ठाकुर की एक्सीडेंट में मौत हो गई है, लेकिन समग्र पोर्टल में सामान्य मृत्यु दर्ज की गई है, जिसके कारण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रही।
खूबचंद महोबिया सामाजिक न्याय विभाग से 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए हैं। कलाकर के रिटायर होने के बाद प्रकरण पेंशन शाखा को भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक पीपीओ जारी नहीं किया गया।
प्रशांत पाल सिंह निवासी बिलपठार थाना शहपुरा की पटवारी हलका नंबर 36 के खसरा नंबर 37/2 में 0.24 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। 22 जून को मुआवजा के लिए आदेश हो गया है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ।
सबसे ज्यादा जनसुनवाई में हुई शिकायतों के लंबित मामले राजस्व विभाग में हैं। एसडीएम जबलपुर 31, एसडीएम रांझी 25, एसडीएम आधारताल 68, एसडीएम शहपुरा 15, एसडीएम गोरखपुर 32, तहसीलदार पनागर 92, तहसीलदार जबलपुर 100, तहसीलदार रांझी 54, तहसीलदार पाटन 59, तहसीलदार गोरखपुर 59, तहसीलदार सिहोरा 51, तहसीलदार शहपुरा 54, कुंडम 22, मझौली 43, आधारताल 78 शिकायतें लंबित हैं।
जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित निराकरण कराया जा रहा है। राजस्व संबंधी मामलों में लोग सिविल न्यायालय न जाकर स्थानीय स्तर पर शिकायत करते हैं। जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली हर शिकायत को गंभीरता से सुना जाकर उसके निराकरण के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए गए हैं।
Updated on:
23 Jul 2026 08:14 pm
Published on:
23 Jul 2026 08:14 pm
