इस रात बदल जाता है ‘नर्मदा तट’ का नजारा, आती है साल में एक बार

संगमरमर की वादियां, हम आपको बतां दें कि एक ऐसी भी रात है जिसके लिए लंबी तैयारी की जाती है।

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Oct 25, 2015
bhedaghat
amazing sharad purnima night at bhedaghat
(फोटो कैप्शन: सभी फाइल फोटो।)
जबलपुर। संगमरमर की वादियां, नाम सुनते ही भेड़ाघाट स्थित धुआंधार का सुंदर नजारा सामने आ जाता है। मां नर्मदा का यह तट वैसे तो हर दिन खूबसूरत दिखाई देता है, और इसलिए भी यहां पर्यटकों की आवाजाही लगी रहती है, लेकिन हम आपको बतां दें कि एक ऐसी भी रात है जिसके लिए लंबी तैयारी की जाती है। शहर के ही विदेशों से आने वाले पर्यटक भी इस रात का इंतजार करते हैं। पूरे साल में सिर्फ यह एक ही ऐसी रात है जब लोग धुआंधार के सुंदर दृश्यों को हमेशा के लिए अपनी स्मृति में कैद कर लेना चाहते हैं। जी हां, ये रात है शरद पूर्णिमा की।
शरद पूर्णिमा के दिन और रात यहां का नजारा अति सुंदर व आलौकिक दिखाई देता है। लोकल लेवल से लेकर ग्लोबल लेवल तक के लोगों को जोडऩे के लिए शुरू किए गए नर्मदा महोत्सव के नए रंग फिर से दिखने को तैयार हैं।

2004 से हुए शुरुआत

भेड़ाघाट नगर पंचायत द्वारा साल 2004 में इस भव्य समारोह के आयोजन की शुरुआत की गई थी। कुछ सफल सालों के संचालन के बाद इस आयोजन की कमांड जेटीपीसी को सौंपी गई। जेटीपीसी सीईओ हेमंत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में साल दर साल भव्यता को देखा जा रहा है। भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियों के बीच लोकल विजिट्र्स के साथ सैलानी भी हर साल शामिल होकर इसका हिस्सा बनते हैं।
बदल गया वक्त

नर्मदा महोत्सव की शुरुआत का मकसद ही लोगों को टूरिज्म से जोडऩा था। इन सालों में इस आयोजन में लोकल से लेकर ग्लोबल तक के लोग हिस्सा बन चुके हैं। हर साल नर्मदा महोत्सव के लिए खासी तैयारी की जाती हैं। इसमें भेड़ाघाट की दूधिया रोशनी में महोत्सव को खास बनाने के लिए बेहतरीन लाइटिंग के इंतजाम में भी कई बदलाव प्रति साल किए गए हैं। अब तक इस समारोह में उदित नारायण, कैलाश खेर, ऊषा मंगेशकर, सुधा चंद्रन, सुदेश भोसले शामिल हो चुके हैं। और इस बार अनुराधा पौडवाल व राजा हसर खासतौर पर शिरकत कर रहे हैं।
Published on:
25 Oct 2015 12:49 pm