अमृतसर जैसा रेल हादसा, दशहरा चल समारोह में धड़धड़ाती आई गई ट्रेन!
जबलपुर। अमृतसर में दशहरा चल समारोह के दौरान हुए ट्रेन हादसे को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि शहर में शनिवार रात गढ़ा रेल फाटक पर वैसी ही स्थिति बन गई। हालांकि, लोगों ने यातायात व्यवस्था सम्भाल ली और वाहन चालकों को फाटक से बाहर किया। इससे गम्भीर हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि एक मिनट की भी देरी होती तो अमृतसर जैसा हादसा यहां भी हो सकता था। दर्जनों वाहन चालक इसकी चपेट में आ जाते। इस मानवीय चूक को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता था।
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गढ़ा दशहरा चल समारोह के दौरान बड़ा हादसा टला
रेल फाटक के बीच फंस गए थे वाहन चालक और बजने लगा ट्रेन का हॉर्न
गढ़ा रेलवे फाटक से कुछ दूरी पर दशहरा चल समारोह निकाला जा रहा था। गढ़ा जाने वाले मार्ग बंद होने से यातायात का दबाव मुख्य मार्ग पर आ गया। इस दौरान सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक रेल फाटक के बीच फंस गए। इसी दौरान रात 9.57 बजे ट्रेन आने का हूटर बजने लगा। रेल फाटक के दोनों ओर वाहनों की कतार लगी हुई थी। फाटक के नीचे भी बड़ी संख्या में वाहन चालक खड़े थे। गेटमैन ने भी लाल सिग्नल देना शुरू कर दिया था। जैसे-जैसे ट्रेन आने का समय हो रहा था, लोगों की धडकऩें बढ़ती जा रही थीं। इस बीच फाटक पर पदस्थ कर्मियों और आम लोगों ने मोर्चा सम्भाला। वाहन चालकों को रेल फाटक से बाहर किया। तब जाकर फाटक बंद हुआ। इसके पांच मिनट बाद फाटक से ट्रेन गुजरी, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
नहीं थे यातायात कर्मी
गढ़ा चल समारोह में बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती थी, लेकिन रेलवे फाटक की ओर एक भी जवान तैनात नहीं था। जबकि दशहरा चल समारोह के चलते यहां यातायात का जबरदस्त दबाव था। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।