
जबलपुर. विशेष न्यायाधीश संगीता यादव की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित जबलपुर निवासी संदीप कुमार की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। उन्होंने तल्ख टिप्पणी भी की।
इस मामले में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी स्मृतिलता बरकड़े ने पक्ष रखा। उन्होंने जमानत आवेदन का विरोध करते हुए दलील दी कि 8 जुलाई 2020 को रात 12 बजे नाबालिग अपने कमरे में सोने चली गई थी। अगले दिन सुबह 9 बजे वह कमरे में नहीं मिली। लिहाजा, पीड़िता के स्वजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश शुरू की। लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने गोराबाजार पुलिस थाने पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को बड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी संदीप बहला, नाबालिग को फुसलाकर कहीं ले गया था। उसने अपनी बातों में फंसाकर दुष्कर्म किया।
पता यह भी चला कि नाबालिग एक पार्लर में काम सीखने जाती थी। इसी दौरान काली मंदिर, सदर के पास आरोपी से पहली मुलाकात हुई थी, तभी से वह बातों में फंसाने लगा था।