वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद होगी आरोपितों की गिरफ्तारी
जबलपुर। पिछले एक सप्ताह से जारी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर अध्यक्ष शफीक हीरा द्वारा सदरुद्दीन उर्फ साहब को मुर्गा बनाने और मारपीट करने के वीडियो की पुलिस फॉरेंसिक जांच कराएगी। उन वीडियो को भी जांच के लिए भेजा जाएगा, जिन्हें सदरुद्दीन ने एफआईआर दर्ज कराने के बाद जारी किया है।
पुलिस ने बताया, वीडियो की जांच के बाद आरोपितों के चेहरे स्पष्ट हो जाएंगे, जो पुलिस कार्रवाई में अहम साबित होगी। यह भी माना जा रहा है कि वीडियो की जांच के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं आमजन का कहना है कि यह पार्टी का रसूख ही है जो वीडियो सामने आने के बाद भी आरोपी नेता की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। शहर कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है।
वीडियो बनाने वाला टारगेट पर
मामले में पुलिस को गुलाम नवी की तलाश है। गुलाम ने ही वीडियो बनाकर वायरल किया था। पुलिस साक्ष्यों को और पुख्ता करने के लिए गुलाम नवी के मोबाइल नंबर के जरिए आईपी एड्रेस और वारदात के वक्त की लोकेशन की जानकारी भी जुटा रही है। पुलिस ने सदरुद्दीन द्वारा बताए गए घटनास्थल का बाहर से मुआयना किया है। मौका-ए-वारदात का नक्शा भी बनाया गया है।
सदरुद्दीन को मुर्गा बनाकर मारपीट का जो वीडियो बनाया गया है, उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। उसके अन्य वायरल वीडियो की भी जांच होगी। पता लगाया जाएगा कि वे दबाव में तो नहीं बनाए गए हैं।
- प्रफुल्ल श्रीवास्तव, थाना प्रभारी, हनुमानताल
ये है मामला
सदरुद्दीन ने हनुमानताल थाने में एफआईआर दर्ज कराई है कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते गुलाम नवी, सररू, वसीम, शुभम और जावेद ने उसकी बाइक में तोडफ़ोड़ की। फिर शफीक उसे बाइक पर बैठकार हीरा ट्रांसपोर्ट ले गया। वहां बंधक बनाकर उसे हंटर से पीटा और मुर्गा बनाया। गुलाम नवी ने घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जिसे शफीक ने वॉट्सएप पर वायरल करने के३ लिए कहा। हनुमानताल पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ अपहरण, तोडफ़ोड़ करने, विधि विरुद्ध जमाव, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का प्रकरण दर्ज किया है।