जबलपुर

इस यूनिवर्सिटी के छात्र बनेंगे भाजपा-कांग्रेस के नेता, पार्टी ने शुरू की कवायद

इस यूनिवर्सिटी के छात्र बनेंगे भाजपा-कांग्रेस के नेता, पार्टी ने शुरू की कवायद  

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May 07, 2018
bjp

जबलपुर. राजनीतिक दलों ने अब छात्र राजनीति के माध्यम से युवाओं को साधने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी दल अलग-अलग जतन कर रहे हैं। खासकर भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं द्वारा छात्र संगठनों व छात्र प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा है। ताकि चुनाव से पहले उन्हें अपने पक्ष में करते हुए उनके परिवार के वोट भी हासिल किए जा सकें। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि जहां छात्रों को उनकी सफलता पर प्रोत्साहित करने के बहाने अपने साथ जोडऩे की तैयारी कर रहे हैं, तो वहीं छात्र संगठन भी अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। एक संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय से लेकर कॉलेजों में छात्रों को जोडऩे की कवायद शुरू कर दी है, तो एक विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्र के सफल छात्रों के माध्यम से राजनीति की बिसात जमा रहे हैं।

about- छात्रों के साथ ही उनके परिवार को भी जोडऩे की कवायद, छात्रों को राजनीति में 'साधने' की कोशिश कर रहे नेता

गांवों में सक्रिय-
एक संगठन कॉलेजों में युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा है। कुछ गांवों को चिन्हित किया गया है] जहां जाकर ग्रामीणों से सम्पर्क साधा जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों के हित में काम कर सरकार की योजनाओं को बताने का भी काम किया जाएगा। एक गांव से इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। एक संगठन के छात्रों ने शिविर लगाकर कुछ दिन वहीं रुककर ग्रामीणों से सम्पर्क किया।

विवि से मांगी छात्रों की सूची
जानकारों के अनुसार शहर के एक विधायक ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपने क्षेत्र के छात्रों की सूची विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगी है। इसके अलावा दो साल के दौरान मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों की भी जानकारी मांगी गई है। इन्हें सेलीब्रिटी की तरह अपने विधानसभा क्षेत्र में होर्डिंग्स में लगाया जाएगा।

गठन पर रोक
एक छात्र संगठन की मई के प्रथम सप्ताह में जिला इकाई का गठन किया जाना था। इसमें जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह सचिव, सदस्य आदि पदों पर चुनाव से नियुक्तियां होनी थीं। लेकिन, विधानसभा चुनाव को देखते हुए नई इकाई के गठन पर रोक लगा दी गई है। जानकरों का कहना है कि नेताओं को डर था कि जिलों में नई इकाई गठन होने से नए छात्र चेहरों के जीतने से चुनाव पर असर पड़ता। जीते हुए छात्रों की अनुभवहीनता से वोट बैंक बनाने में समस्या खड़ी होती। इसे देखते हुए विधानसभा चुनाव के बाद गठन का निर्णय लिया गया।

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Published on:
07 May 2018 09:11 am
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