BJP OBC Leader : भाजपा को नगरनिगम में झटका लगा है। उसकी पार्षद कविता रैकवार का चुनाव रद्द करते हुए शहर के वार्ड 24(हनुमान ताल) को रिक्त घोषित कर दिया गया है।
BJP OBC Leader : भाजपा को नगरनिगम में झटका लगा है। उसकी पार्षद कविता रैकवार का चुनाव रद्द करते हुए शहर के वार्ड 24(हनुमान ताल) को रिक्त घोषित कर दिया गया है। संभागायुक्त अभय वर्मा ने यह कार्रवाई कविता के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त होने के आधार पर किया गया है। इसी के साथ उन्हें पांच साल के लिए नगरीय निकाय चुनाव लडऩे के अयोग्य भी घोषित किया गया है। हालांकि नगरनिगम में भाजपा का बहुमत है और एक सीट गंवाने से उसे समस्या नहीं होगी।
दरअसल, 2022 के नगरनिगम चुनाव में कविता ने वार्ड 24 से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। यह वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला के लिए आरक्षित था। बाद में निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहीं कांग्रेस की प्रत्याशी के पति ने कविता के ओबीसी जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देते हुए शिकायत की। जांच में पाया गया कि कविता ओबीसी वर्ग से नहीं आतीं। उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने जाति प्रमाण पत्र को अवैध मानते हुए निरस्त करने का आदेश पारित किया। इस पर कमिश्नर जबलपुर संभाग अभय वर्मा ने एक आदेश पारित करते हुए कविता को पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सीट पर प्रतिनिधित्व की पात्र नहीं पाया है। लिहाजा नगर पालिका अधिनियम के तहत कविता रैकवार को आगामी 5 वर्षों तक पार्षद बनने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 24 की सीट को रिक्त मानते हुए निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
पूनम कविता गेंद्रे पैतृक रूप से सामान्य वर्ग से आती हैं। उनके तमाम शैक्षणिक दस्तावेजों में यही नाम दर्ज है। लेकिन नगरीय चुनाव के दौरान उन्होंने रैकवार होने का दावा करते हुए ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र हासिल कर लिया। जब चुनाव हुए तो भाजपा ने ओबीसी महिला के लिए आरक्षित वार्ड 24 से प्रत्याशी बना दिया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी राखी सराफ को पराजित कर दिया। चुनाव के समय भी जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हुआ लेकिन आपत्ति खारिज हो गई। चुनाव के बाद इसे चुनौती दी गई। जांच में देरी होने पर मामला हाईकोर्ट गया और समय सीमा तय की गई।
संभागायुक्त अभय वर्मा 30 अप्रेल को सेवानिवृत्त हो गए। पार्षद कविता के निर्वाचन को शून्य घोषित करने का ऑर्डर उनके सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले 29 अप्रेल को जारी किया गया। हालांकि यह सार्वजनिक गुरुवार को हुआ। इधर निगम में यह अपनी तरह का पहला मामला है जब फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर किसी पार्षद की पार्षदी गई हो।
वार्ड 24 के पार्षद का पद रिक्त होने पर अब जिला निर्वाचन कार्यालय को को अगले छह महीने के भीतर चुनाव करवाना होगा। मई महीने से इसका आकलन किया जाए तो यह समय सीमा अक्टूबर में समाप्त हो जाएगी। हालांकि बरसात के मौसम को देखते हुए निर्वाचन कार्यालय इस चुनाव को जून के अंत करा सकता है। वरना दशहरे तक बढ़ सकता है।
नगर निगम में भाजपा बहुमत में है। उसे परिषद में फर्क नहीं पड़ेगा पर पार्टी की छवि पर जरुर असर हुआ है। क्योंकि निर्वाचन शून्य होने का कारण गलत जानकारी के आधार पर चुनाव लडऩा था। 79 सदस्यीय नगर परिषद में अभी भाजपा के 48 पार्षद हैं। कविता का निर्वाचन शून्य घोषित होने के बाद यह संख्या 47 हो जाएगी। बहुमत की संख्या 36 है, ऐसे में उसकी कोई चिंता नहीं है। इधर कांग्रेस के पास 29 पार्षद ह और दो पार्षद एमआइएम से हैं।