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गोहलपुर पुल का चौड़ीकरण के लिए नए सिरे से होगा टेंडर, निगम इंजीनियर्स ने किया तकनीकी परीक्षण

Gohalpur Bridge : देश की आजादी को 78 साल हो गए, लेकिन गोहलपुर में मोतीनाला के पार उतरने आज भी अंग्रेजों के काल के पुल पर निर्भर है। इस संकरे पुल में यातायात का दम घुट रहा है।

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Gohalpur Bridge

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पत्रिका की पहल पर आगे आए उपभोक्तावादी संगठन, बोले- टालमटोल हुआ तो करेंगे आंदोलन

Gohalpur Bridge : देश की आजादी को 78 साल हो गए, लेकिन गोहलपुर में मोतीनाला के पार उतरने आज भी अंग्रेजों के काल के पुल पर निर्भर है। इस संकरे पुल में यातायात का दम घुट रहा है। पत्रिका के समाचार अभियान के बाद बुधवार को विभिन्न उपभोक्ता व सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने नगर निगम प्रशासन से मुलाकात में यह बात कही। प्रतिनिधियों ने निगमायुक्त को चेतावनी दी कि पुल के चौड़ीकरण में टालमटोल हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

Gohalpur Bridge : पांच जनवरी तक जारी करेंगे नया टेंडर

निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने सभी को आश्वस्त किया कि मंगलवार को नगर निगम की टीम ने गोहलपुर पुल का फिर से निरीक्षण किया और तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसी के आधार पर अब 5 जनवरी तक पुल निर्माण के लिए फिर से टेंडर जारी किया जाएगा। बैठक में डॉ. पीजी. नाजपांडे, रजत भार्गव, एड. वेदप्रकाश अचौलिया, डीके. सिंह, संतोष श्रीवास्तव, सुभाष चन्द्रा, सुशीला कनौजिया, डीआर. लखेरा, एड. ब्रजेश साहू, अर्जुन कुमार शामिल थे।

Gohalpur Bridge : ये संगठन हुए शामिल

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन, महिला समिति, सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन व पेंशनर समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोहलपुर पुल चौड़ीकरण के लिए 15 दिन के अंदर पहल की जाए।