ढोंगी तांत्रिक और जादू-टोना के झांसे में लोग, अंधविश्वास के जाल में फंसकर संपत्ति और जीवन पर खतरा
Black magic : जिले में जादू-टोना और अंधविश्वास से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन घटनाओं में लोग न केवल धोखे का शिकार बन रहे हैं, बल्कि कई बार हिंसा, मारपीट और बेइज्जती जैसी गंभीर वारदातों का सामना भी कर रहे हैं। पुलिस और समाज दोनों की भूमिका अब पहले से ज्यादा अहम हो गई है।
चरगवां में एक वृद्ध दंपत्ति को पंचायत में बेइज्जत किया गया और बाद में मारपीट भी हुई। वृद्ध महिला पर आरोप था कि वह गांव के बच्चों को सपनों में डराती और जादू-टोना करती है। मामले में एफआईआर दर्ज की गई।
अधारताल में नौकरी दिलाने के नाम पर खुद को तांत्रिक बताने वाले युवक ने एक व्यक्ति से लाखों रुपए ऐंठ लिए। जब नौकरी नहीं लगी, तब उसका असली चेहरा सामने आया। मामले में अधारताल थाने में एफआईआर दर्ज हुई।
बिलहरी की पॉश कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार को ढोंगी बाबाओं ने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपए और कारें हड़प ली। उन्होंने परिवार को डराने के लिए कहा कि कार में भूत सफर कर रहे हैं। मामला गोराबाजार थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सामने आया।
अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें केंद्र और राज्यों से अंधविश्वास, जादू-टोना और इसी तरह की प्रथाओं के उन्मूलन के लिए उचित कदम उठाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि समाज में व्याप्त अवैज्ञानिक कृत्यों और फर्जी लोगों द्वारा निर्दोष लोगों का शोषण रोकने के लिए तत्काल सख्त कानून की जरूरत है।
मनोवैज्ञानिक डॉ. रत्ना जौहरी का कहना है कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में लोग जादू-टोना में विश्वास करते हैं, लेकिन यह केवल छलावा है। ढोंगी लोग इसका इस्तेमाल लोगों को भ्रमित कर रुपए ऐंठने के लिए करते हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में जादू-टोना के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
Black magic : जादू टोना पूरी तरह अंधविश्वास पर आधारित है। अक्सर थानों में ऐसे मामले आते हैं, जिनमें जादू-टोना का संदेह जाहिर किया जाता है। कई बार इसके चलते गंभीर वारदातें भी होती हैं। इसके लिए समाज को स्वयं जागरूक होना होगा।