Jabalpur Cruise Accident: जबलपुर क्रूज हादसे में मृत लोगों परिजनों से मिलने जबलपुर पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव।
Jabalpur Cruise Accident: मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में क्रूज डूबने की भयावह घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसी को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जबलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनका दुख बांटा। सीएम ने कहीं बच्चों को गले लगाया, तो कहीं बेटी के सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी।
परिजनों से मुलाकात कर सीएम ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है। इस दौरान उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उनके साथ थे। सीएम ने इस दौरान कहा कि इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। हादसे के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए एसओपी बनाई जाएगी। (mp news)
सीएम कोतवाली से दरहाई मार्ग पहुंचे। यहां उन्होंने जबलपुर क्रूज हादसे में मृत नीतू सोनी के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्हें देखकर परिवार की बेटी अपने आंसू नहीं रोक सकी। ये देख प्रदेश के सीएम भी भावुक हो गए और उसके सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी। इस बीच उन्होंने दो छोटे बच्चों को भी गले लगाकर दुख बांटा। इसके बाद सीएम रियाज हुसैन के घर पहुंचे। रियाज क्रूज हादसे में बाल-बाल बच गए थे।
सीएम मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मां नर्मदा के स्थान पर दुखद हादसा हुआ है। इस हादसे में 9 लोगों के शव मिले हैं। 28 लोगों को बचाया जा चुका है। इस घटना से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। घटना वाले स्थल के पास ही जल जीवन मिशन का काम चल रहा था। इसलिए इस काम में लगी हुई टीम भी लोगों की मदद करने पहुंची। प्रशासन को सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ टीमों के साथ-साथ लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को घटना स्थल पर भेजा था। उन्होंने कहा कि यहां के सांसद आशीष और विधायक नीरज भी स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ कल रात से अभी तक यहां हैं। मेरे साथ प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा भी यहां आए हैं।
सीएम को रियाज हुसैन ने अपनी आपबीती सुनाई। उसने सीएम को बताया कि वे चार-पांच घंटे क्रूज में फंसे रहे। रियाज ने बताया कि मैं मानकर चल रहा था कि मैं नहीं बचूंगा। सीएम ने आगे कहा कि इस दुर्घटना में आसपास के जिन लोगों ने दूसरों की जान बचाई उन्हें 51-51 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2-2 लाख आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति बना रहे हैं। समिति में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक, सचिव मध्यप्रदेश शासन, जबलपुर संभाग के आयुक्त होंगे। यह समिति तीन बिंदुओं पर जांच करेगी। इन बिंदुओं में पहला बिंदु दुर्घटना के कारणों की शुरुआत से जांच करना, दूसरा बिंदु परिस्थितियों को प्रतिपादित करना, तीसरा बिंदु दुर्घटना के वक्त प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं हुआ, शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नौका पर्यटन, क्रूज पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स सहित सभी तरह की गतिविधियों के लिए एसओपी तैयार करेंगे। ताकि, भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हम सभी को मौसम विभाग की सूचनाओं को गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए। (mp news)