
jabalpur bargi dam Tragedy cruise accident Emotional human story
Jabalpur Bargi Dam Tragedy: मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में क्रूज डूबने की भयावह घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। अपने परिवार के साथ खुशियों के कुछ पल मनाने के लिए क्रूज पर सवार हुए लोगों के लिए ये हादसा जिंदगी का सबसे मनहूस दिन बन गया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 अब भी लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। 28 लोगों की किस्मत अच्छी थी जो उनकी जान बच गई। हादसे में जिन परिवारों ने अपनों को खोया है उनका दिल जिंदगीभर इस दिन को याद कर रोएगा और उन्हीं में से एक हैं प्रदीप मैसी, जिनका परिवार इस भयावह हादसे में पूरी तरह से तबाह हो गया है। उनकी पत्नी मरीना और 4 साल का बेटा त्रिशान अब इस दुनिया में नहीं है।
क्रूज हादसे में जिन 9 लोगों की मौत हुई है उनमें प्रदीप की पत्नी मरीना और 4 साल का बेटा त्रिसान भी है। शुक्रवार को जब पत्नी व बेटे के शव मिले तो प्रदीप दोनों के शव देख बदहवास हो गए। पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखे पत्नी व बेटे के शव का कफन हटाकर प्रदीप एक टक उन्हें निहारते रहे, दुखों के पहाड़ के नीचे दबे दिल से पत्नी और बेटे को आवाज देते रहे उठ जाओ। बेटे का हाथ थामकर बोले राजा बेटा उठ जा..यूं चुप मत रह…कुछ तो बोल बेटा। प्रदीप के ये शव अस्पताल में मौजूद जिस भी शख्स के कानों तक पहुंचे उसका दिल भी रो पड़ा।
प्रदीप की पत्नी मरीना ने बेटे की जिंदगी बचाने की कोशिश अपनी अंतिम सांस तक की। जैसे ही हालात बिगड़े मरीना ने बेटे त्रिशान को अपनी लाइफ जैकेट में सीने से लगा लिया। वो अपनी बांहों में बेटे को समेटे रही और सांसें थमने के बाद भी बेटे को सीने से अलग होने नहीं दिया। रेस्क्यू टीम को जब मरीना का शव मिला तो उसकी बांहों में बेटे त्रिशान का शव भी था। जिसे देखकर रेस्क्यू टीम की भी आंखें नम हो गईं।
पत्नी और बेटे को खोने का गम प्रदीप के साथ जिंदगी भर रहेगा। उन्होंने हादसे की भयावहता को अपनी आंखों से देखा, जिसे अब वो जिंदगी भर नहीं भुला पाएंगे। प्रदीप ने बताया जब क्रूज चला तो हवाएं सामान्य नहीं थी, लेकिन जब क्रूज थोड़ा आगे बढ़ा तो हवाएं अचानक से तेज हो गईं। तेज हवाएं चलने के कारण क्रूज के कप्तान ने सभी को नीचे जाने के लिए कहा। क्रूज की सभी खिड़कियां बंद थीं लेकिन एंट्रीवाला दरवाजा खुला था। फिर अचानक से तेज हवाएं और लहरें उठने लगीं जिससे पानी धीरे-धीरे अंदर आने लगा। जब तक कि कोई कुछ समझ पाता है, अचानक करीब 6 से 8 फीट ऊंची लहरों के चलते पानी अंदर आ गया। कप्तान ने क्रूज का बैलेंस बनाए रखने के लिए लोगों को दोनों तरफ आधी-आधी संख्या में खड़े होने के लिए कहा। सभी लोगों ने बैलेंस करने की कोशिश की लेकिन तभी दो बार और लहरें इतनी ऊंची उठीं कि पानी के फोर्स से पूरी खिड़कियों के कांच टूट गए और पानी भर गया और कुछ ही सेकंड में क्रूज पलट गया।
Published on:
01 May 2026 04:31 pm
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