
Jabalpur Boat Accident (Photo Source - Patrika)
Jabalpur Boat Accident: जबलपुर में बरगी बांध में कल शाम हुए हादसे को 14 घंटे से भी ज्यादा का समय हो चुका है और तलाशी अभियान आज सुबह भी जारी है। देर रात तक चलाए अभियान में अब तक कई लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 10 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं हैं। आज सुबह मिले शवों की पहचान भी हो गई है। गौरतलब है कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित 40 से ज्यादा पर्यटकों से भरा क्रूज अचानक आए भीषण तूफान के कारण पलट गया था। हादसे को 14 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं, जिसके चलते लापता लोगों के जिंदा रहने की उम्मीद कम है।
तलाशी अभियान देर रात तक चलता रहा, जो युद्धस्तर पर अभी भी जारी है। अभियान में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व पुलिस प्रशासन की टीमें लगी हुई है। सीएम डॉ मोहन यादव ने घटना पर दु:ख जताते हुए पीडि़त परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से 4-4 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
सीएम ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि हैदराबाद से स्पेशल टीम और एक हेलीकॉप्टर भी रवाना किया गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। इसके अलावा हाइड्रोलिक मशीन की मदद से बाकी फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।
इस हादसे में सर्वाइवर रही संगीता कोरी बताती है कि तेज लहरें चल रही थी। अचानक से क्रूज डूबने लगा। पहने किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहना था लेकिन क्रूज में पानी भरते ही लाइफ जैकेटे के लिए भगदड़ जैसी मच गई। सब लोग इधर-उधर भाग रहे थे बस। दिल्ली के पर्यटक प्रदीप कुमार के मुताबिक, किसी को समय पर लाइफ जैकेट नहीं दी गई। पर्यटकों ने खुद ही एक-दूसरे को लाइफ जैकेट पहनाई। जब तेज लहरें उठने लगीं, तब किनारे पर मौजूद लोगों ने चालक को क्रूज किनारे लगाने के लिए कहा था लेकिन वह शुरुआती प्वाइंट तक जाने पर अड़ा रहा और क्रूज डूब गया।
सुरक्षित बचाई गई एक बच्ची की आपबीती भावुक करने वाली है। जब उससे पूछा गया कि क्या हुआ था ? रेस्क्यू टीम की वैन में सहमी बैठी बच्ची ने कांपती आवाज में कहा- एकदम से क्रूज पलट गया था, पूरे क्रूज में बाढ़ आ गई। सब तितर- बितर हो गए। मुझे किसी तरह मेरे पापा मिल गए तो मैंने हाथ पकड़ लिया। मेरी मां और भाई नहीं मिल रहे। नानू मिल गए हैं, लेकिन नानी मर गई, डेड बॉडी मिली है।
दो स्थानीय युवकों ने बताया, 'हमने जैसे ही लोगों की चीखें सुनीं, हमने तुरंत पानी में छलांग लगा दी। नाव के आसपास लाइफ जैकेट और कुछ रबर ट्यूब तैर रहे थे। हमने उन्हें पकड़ा और उन लोगों की तरफ फेंका, जो डूब रहे थे। एक मां अपने बच्चे को ऊपर उठाए हुए थी और खुद डूब रही थी। हमने उन तक पहुंच बनाई। पानी इतना गहरा और लहरें इतनी तेज थीं कि एक पल को लगा कि हम भी नहीं बचेंगे लेकिन मासूमों की शक्ल देखकर हिम्मत आ गई। हम करीब 12 से 15 लोगों को खींचकर किनारे तक लाए।
Updated on:
01 May 2026 03:55 pm
Published on:
01 May 2026 03:53 pm
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