प्राचार्यों की लापरवाही विस के अटके जवाब, डीपीआई ने जताई नाराजगी, ११ प्राचार्यों को थमाए नोटिस, कलेक्टर को प्रस्ताव भेजने की कवायद
जबलपुर. विधानसभा सवालों को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इस पर कड़ी आपत्ति जताने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एेसे करीब एक दर्जन संकुल प्राचार्यों को नोटिस दिए हैं। नोटिस में कहा है स्कूलों द्वारा विधानसभा बजट सत्र २०१८ के उत्तर विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नहीं भेजे गए। जिससे वरिष्ठ कार्यालय में प्रश्नों के जवाब समय पर प्राप्त नहीं होने के कारण विधानसभा प्रश्न के जवाब जिले से एकत्रित नहीं हो सके हैं, जो कि मप्र सिविल सेवा आचरण नियम १९६५ की संगत धाराओं का उल्लंघन भी है। डीईओ एनके चौकसे ने कहा कि एेसे प्राचार्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु कलेक्टर के माध्यम से वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सभी प्राचार्यों से तत्काल कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने कहा है।
यहां के प्राचार्यों ने की लापरवाही
शासकीय हाईस्कूल मुडि़या मड़ौद मझौली, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इंद्राना मझौली, शासन उमावि बालक पाटन, शासकीय उमावि बालक कटंगी, शासकीय उमावि कन्या कटंगी, शासकीय उमावि नुनसर, शासकीय उमावि पड़रिया कुंडम, शासकीय उमावि कन्या कुंडम, शासकीय उमावि जमागंव कुंडम, शासकीय उमावि हरदुलीकला कुंडम एवं शासकीय उमावि इमलइराजा कुंडम प्राचार्य।
कार्रवाई से बचने के लिए ढूंढ़ रहे जवाब
कार्रवाई से बचने के लिए प्राचार्य जवाब ढंूढने में लगे हैं। प्राचार्यों द्वारा विधानसभा सवालों के जवाब तैयार न हो पाने की वजह में एक कारण परीक्षाओं में व्यवस्तता को इंगित किया जा रहा है तो वहीं स्टाफ की कमी आदि की बात कहकर जवाब तैयार करने में जुटे हैं। एक प्राचार्य ने बताया कि स्कूलों में स्टाफ की कमी और दूसरे कामों के चलते कई बार समय पर जवाब तैयार नहीं हो पाते हैं।