जबलपुर

Demonetisation- नकली नोटों को असली करने नोटबंदी का खेल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान

जबलपुर में बोले 2 हजार और 5 सौ के नए नोट के साइज में अंतर, बड़े साइज के नोट किसी अन्य प्रेस से छपवाएं गए

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Sep 29, 2017
Congress leader Digvijay Singhs Statement for GST and Demonetisation

जबलपुर। नोटबंदी और जीएसटी को लेकर मोदी सरकार पर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिंह के बयानों के बाद कांग्रेस नेता और सांसद दिग्विजय सिंह ने भी गुरुवार को जुबानी हमला बोला। अपने जबलपुर प्रवास के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के नोटबंदी के निर्णय से आम लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ। बल्कि ये फैसला सिर्फ और सिर्फ भाजपा ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किया। इस फैसले से नकली नोट भी असली हो गए। उन्होंने रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए 2 हजार और 5 सौ रुपए के नए नोटों के साइज को लेकर भी मोदी सरकार के इरादों पर संदेह जताया।
जितने नोट चलन में थे उससे अधिक बैंक में जमा हो गए
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने नकली नोटो को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए नोटबंदी के फैसले को निरर्थक करार दिया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में 99 प्रतिशत नोट आरबीआई के पास जमा हो गए हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जितने नोट चलन में थे नोटबंदी के बाद उससे ज्यादा नोट बैंकों में जमा हुए। इस दौरान नकली नोट के बदले भी असली नोट मिल गए।
नए नोटों की छपाई संदिग्ध
दिग्विजय सिंह के अनुसार नोटबंंदी से 86 प्रतिशत नोट मार्केट से बाहर हो गए। लेकिन नए नोट नहीं छापे गए। नोटों की जो छपाई हुई उसमें भी गड़बडिय़ां मिली हैं। 2 हजार व 5 सौ रुपये के जो नोट छापे गए और बैंकों से जारी किए गए उनके साइज में अंतर था। लगभग 5 मिमी बड़ी साइज के नोट आज चलन में हैं। कांग्रेस नेता का आरोप है कि यह नोट किसी न किसी अन्य प्रेस से भी छपवाए गए हैं, क्योंकि नोट की प्रिंटिंग में गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन उनके साइज में गड़बड़ी नहीं हो सकती।
जीएसटी से व्यापारी त्रस्त है
कांग्रेस नेता ने भाजपा नीत केन्द्र सरकार के सवा तीन साल के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों को जनविरोधी बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने जिस प्रकार से जीएसटी प्रणाली को लागू किया है उसने उसे काफी जटिल बना दिया गया है। इससे मध्यम, छोटा व्यापारी वर्ग त्रस्त है। जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। पहले जहां साल में 4 रिटर्न भरनी पड़ती थी अब 37 रिटर्न भरनी पड़ेगा। साथ ही जरा सी चूक होने पर कारोबारी को भारी जुर्माना चुकाना पड़ेगा।

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Published on:
29 Sept 2017 10:42 am
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