
जबलपुर। प्रदेश में फर्जी मतदाताओं को लेकर राजनीतिक भूचाल आया हुआ है। कांग्रेस के खुलासे के बाद मामले परत दर परत खुलते जा रहे हैं। कांग्रेस के इन खुलासों से भाजपा की नींद-हराम हो गई है। वहीं फर्जी मतदाताओं को लेकर चुनाव आयोग व जिला प्रशासन भी सख्त हो गया है। जिसका असर आगामी चुनावों में देखने मिल सकता है। जबलपुर जिले की पाटन विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में फर्जी वोटर मिलने से हडक़ंप मच गया है। मौजूदा विधायक ने इसकी पुख्ता जानकारी जिला प्रशासन व कलेक्टर को दी है।
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पाटन में 34 हजार से ज्यादा फर्जी मतदाता!
क्षेत्रीय विधायक ने संदिग्ध मतदाताओं की जानकारी सौंपकर कलेक्टर से की जांच कराने की मांग
विधायक के अनुसार यहां करीब 34 हजार ऐसे मतदाता हैं, जो या तो मर चुके हैं या फिर दो दो बार उनका नाम जोड़ा गया है। इतनी बड़ी गड़बड़ी पर प्रशासन तो मौन है ही साथ में सत्तारूढ़ पार्टी पर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने फर्जी मतदाताओं को लेकर पहले ही खुलासा किया है कि भाजपा के जीतने में कौन मुख्य किरदार निभा रहा है। अब ये आंकड़े सामने आने से इस बात की पुष्टि भी हो गई है। वहीं भाजपा में एक अजीब सी शांति नजर आ रही है। जैसे भूचाल आने के पहले दिखाई देती है। भाजपा के वरिष्ठ नेता इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
सौंपा ज्ञापन, दी जानकारी
पाटन विधानसभा क्षेत्र में 34273 फर्जी मतदाता आंकलन में सामने आए हैं। मामले की वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाए। फर्जी मतदाताओं की पुष्टि होने पर उन्हें मतदाता सूची से पृथक किया जाए। क्षेत्रीय विधायक नीलेश अवस्थी ने बुधवार को कलेक्टर छवि भारद्वाज को ज्ञापन सौंपकर ये मांग की।
उन्होंने बताया कि जिनका कई साल पहले निधन हो चुका है, सूची में उनके नाम हैं। बड़ी संख्या में मतदाताओं का दो जगह नाम है। विधायक नीलेश ने बताया कि राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा के निर्देश पर बूथ स्तर पर मतदाता सूची की जांच कराई। इस दौरान ठाकुर विक्रम सिंह, उदयराज सिंह यादव, गुलाब यादव, नेकनारायण सिंह, विजय मोहन पलहा, शिव नामदेव, संतोष साहू, संतोष पटेल, राजकिशोर पटेल, मनोज तिवारी, मकसूद खान, दिनेश जैन मौजूद थे।