
जबलपुर। बिलहरी स्थित चग्गर फार्म के पास खुलेआम गोलियां चलाकर एक रेते ठेकेदार को मौत के घाट उतारने वाले आरोपित किराए के शूटर थे। हत्या के लिए उन्हें सुपारी दी गई थी। इस हत्या के पीछे मुंबई में स्थित एक प्रॉपर्टी का विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्या कराने और करने वाले आरोपितों को चिन्हित कर लिया है। बताया जा रहा है पवन को मारने की सुपारी उसके ही एक बिजनेस पार्टनर ने पेशेवर शूटरों को दी। जिन्होंने दो दिन तक पवन का पीछा किया और फिर मौका मिलते ही उसके सीने को गोलियों से छलनी कर दिया। चिन्हित किए गए आरोपित वारदात के बाद अलग-अलग शहरों मंे भागे हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग शहरों के लिए टीमें रवाना की गई है। इनकी गिरफ्तारी होते ही पूरा मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
फिल्मी स्टाइल में मर्डर
चैतन्य सिटी बिलहरी निवासी पवन दुबे (32) पर चग्गर फार्म के पास बाइक सवार युवकों ने फायर कर दिया था। बाइक सवार दो बदमाशों ने बिल्कुल फिल्मी अंदाज में पहले पवन को सड़क पर दौड़ाया और उसके बाद बंदूक से दनादन कई फायर किए। जिसे के कारण पवन की मौके पर ही मौत हो गई थी। मंगलवार को पीएम के दौरान पवन के शरीर से पांच गोलिया मिलीं। शव को परिजनों को सौंपा गया, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक के मित्र से पूछताछ
पुलिस की प्राथमिक जांच में खुलास हुआ कि जिस वक्त पवन पर हमला हुआ, उस वक्त दोस्त ब्रजेश पटेल उसके साथ था। उसके बाद पुलिस ने ब्रजेश से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार घटना के चश्मदीदों के बयान और लंबी जांच के बाद पुलिस ने मृतक पवन के मित्र समेत तीन संदेहियों को हिरासत में ले लिया था। छानबीन के बाद पुलिस ने पवन की अंधी हत्या की सारी कडिय़ां जोड़ते हुए हत्या की वजह और आरोपियों की पहचान कर ली थी।
मुंबई में निवेश का विवाद
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मृतक पवन दुबे और घटनास्थल पर बरामद किए गए एक मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। इसके आधार पर कुछ संदेहियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि मृतक पवन ने ग्वालियर में रहने वाले सतीश मिश्रा के साथ मुंबई में किसी प्रॉपर्टी में निवेश किया था। लेकिन बाद में दोनों के बीच कोई विवाद हो गया। इसे लेकर दोनों के बीच जमकर खींचतान चल रही थी। जिसके चलते सतीश ने ग्वालियर के पेशेवर शूटरों को पवन को मारने के लिए भेजा था।