
जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की नगरीय निकायों में संचालित मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में 1760 ऐसे हितग्राही संदेह के दायरे में आए हैं, जिन्होंने दस्तावेजों में कथित रूप से छेड़छाड़ कर अपनी आयु 60 वर्ष से कम दर्शायी और योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ प्राप्त कर लिया। यह लगभग 35 करोड़ 20 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया है। मामले की गोपनीय शिकायत कलेक्टर राघवेंद्र सिंह तक पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू करा दी है। तीन दिन से नगर निगम सहित जिले की सभी नगरीय निकायों में रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, जिससे संबंधित विभागों में हडक़ंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार जांच का मुख्य फोकस उन मामलों पर है, जिनमें मृत्यु उपरांत मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान किया गया। आरोप है कि कुछ मामलों में वास्तविक आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होने के बावजूद दस्तावेजों में उम्र कम दर्शायी गई, ताकि परिवार योजना की पात्रता में आ जाए और आर्थिक सहायता प्राप्त कर सके। आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा खेल विभागीय कर्मचारियों-अधिकारियों और कुछ हितग्राहियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया।
प्रशासन ने सभी 1760 संदिग्ध प्रकरणों के मूल दस्तावेज, आयु संबंधी प्रमाण-पत्र, समग्र आईडी, आधार और अन्य रिकॉर्ड का मिलान शुरू कर दिया है। यदि जांच में दस्तावेजों से छेड़छाड़ या गलत जानकारी देकर लाभ लेने की पुष्टि होती है तो संबंधित हितग्राहियों से राशि की वसूली के साथ-साथ दोषी कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार कलेक्टर ने तीन दिन पहले ही पूरे मामले की जांच के आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन यह भी पता लगा रहा है कि फर्जीवाड़ा केवल कुछ मामलों तक सीमित है या फिर यह संगठित तरीके से लंबे समय से चल रहा था। जांच के दायरे में नगर निगम के अलावा जिले की अन्य नगरीय निकायें भी शामिल हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह संबल योजना में सामने आए सबसे बड़े अनियमितता मामलों में से एक माना जाएगा। प्रशासन अब पात्रता निर्धारण की पूरी प्रक्रिया और लाभ वितरण प्रणाली की भी समीक्षा कर सकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बडिय़ों पर रोक लगाई जा सके।
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए संचालित की जा रही है। अनुग्रह सहायता 60 वर्ष से कम आयु में सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए परिवार को आर्थिक सहायता, दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 4 लाख रुपए का प्रावधान, अंत्येष्टि सहायता अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपए निर्धारित आर्थिक सहायता, शिक्षा प्रोत्साहन श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता में फीस माफ होती हे, बिजली बिल राहत और सरल बिल योजना में प्रतिमाह 100 रुपए बिल, प्रसूति सहायता पात्र महिला हितग्राहियों को मातृत्व लाभ में 16 हजार रुपए आदि का लाभ मिलता है।
नगरीय निकायों में 1760 लोग संदेह के दायरे में हैं, जिन्होंने उम्र 60 वर्ष से कम कराकर संबल योजना का लाभ लिया है। नगरीय निकाय में इसकी जांच कराई जा रही है। 15 दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया है।