जबलपुर

ये क्या! एमपी में हो गया गोबर-गोमूत्र घोटाला, कई अधिकारी-कर्मचारी बेनकाब

Scam Expose In MP : एमपी में साढ़े 3 करोड़ का गोबर-गोमूत्र घोटाला हुआ है। रिसर्च के लिए मिले सरकारी फंड से वेटरनरी विश्वविद्यालय की टीम ने ही हड़प लिया। जांच में कई अधिकारी - कर्मचारी दोषी पाए गए।
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Scam Expose In MP
एमपी में हो गया गोबर-गोमूत्र घोटाला (Photo Source- Patrika)

Scam Expose In MP : भारत में अबतक आपने कई तरह के घोटालों के बारे में सुना होगा। सीमेंट से लेकर ड्राय फ्रूट, टेंट और फर्जी शिक्षक से लेकर पेंट घोटाला तक यहां हो चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसा घोटाला हुआ है, जिसने अबतक हुए सभी अनोखे घोटालों को पीछे छोड़ दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन, यहां जिम्मेदारों ने गौमूत्र और गोबर पर घोटाला कर डाला है, वो भी छोटा-मोटा नहीं, बल्कि ये भ्रष्टाचारी गोमूत्र और गोबर के नाम पर साढ़े 3 करोड़ डकार गए हैं।

आपको बता दें कि, साल 2011 में पंचगव्य योजना के तहत विश्वविद्यालय ने गाय के गोबर, गौमूत्र और दूध से कैंसर और टीबी जैसी बीमारियों पर रिसर्च के नाम पर सरकार से 8 करोड़ की मांग की, लेकिन सिर्फ 3 करोड़ 50 लाख स्वीकृत कर दिए। 10 साल के रिसर्च के बाद भी गाय के गोबर, गौमूत्र और दूध से कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज खोजने में यूनिवर्सिटी नाकाम रही।

सरकारी फंड से किया सैर सपाटा

एमपी में हो गया गोबर-गोमूत्र घोटाला (Photo Source- Patrika)

सरकारी फंड से वेटरनरी विश्वविद्यालय की टीम ने सैर सपाटा कर लिया। रिसर्च के लिए मिले साढ़े तीन करोड़ रुपए से जमकर मौज की गई। अफसरों ने गोवा, मुंबई, बैंगलोर, कोलकाता, हैदराबाद, कोच्चि समेत देश के 20 बड़े शहरों में खूब लुत्फ उठाया। इसके अलावा, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर जाने के लिए एसी ट्रेन का आनंद लिया।

कार खरीदी, किसानों को कागजों पर ट्रेनिंग दे दी

यही नहीं, इसी फंड से साढ़े सात लाख रुपए की कार खरीद ली और उससे घूमने-फिरने के लिए डीजल और गाड़ी की मरम्मत में 8 लाख रुपए खर्च कर दिए। जबलपुर के अलावा भिंड, मुरैना समेत कई जिलों के किसानों को कागजों पर ट्रेनिंग तक दे दी।

कई अधिकारी और कर्मचारी बेनकाब

हाल ही में इससे जुड़ी शिकायत कलेक्टर को मिली, जिसकी जांच के बाद करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया। विश्वविद्यालय के दिए गए दस्तावेजों की जांच में पूरा सच सामने आया। अबतक की जांच में कई अधिकारी और कर्मचारी दोषी पाए गए हैं।

Updated on:
10 Jan 2026 07:54 am
Published on:
10 Jan 2026 07:54 am