crime against women : महिला सुरक्षा को लेकर आज जितनी चर्चाएं हो रही हैं, यदि उसमें से आधी बातें भी धरातल पर आ जाएं तो हर बच्ची सुरक्षित हो जाएगी।
पत्रिका महिला सुरक्षा अभियान, मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन की कार्यकर्ताओं ने रखे अपने विचार
crime against women : महिला सुरक्षा को लेकर आज जितनी चर्चाएं हो रही हैं, यदि उसमें से आधी बातें भी धरातल पर आ जाएं तो हर बच्ची सुरक्षित हो जाएगी। लेकिन दुर्भाग्य है कि हम केवल बातें ही कर रहे हैं। कुछ लोग ही जागरुकता के साथ इस ओर कार्य कर रहे हैं। आज आवश्यक हो गया है कि हर बच्ची, युवती और महिला को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाए, उसमें इतना आत्मविश्वास जगाएं कि वो हर मुसीबत का डटकर सामना करे। ये बात पत्रिका अपराधों के विरुद्ध महिला सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित टॉक शो में शामिल अध्यक्ष डॉ. अजय वाधवानी ने कहीं।
मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन की सदस्य एड. भावना निगम ने कहा बच्चों में जब हम महिला सम्मान के प्रति सम्मान की सीख दें तो सख्ती से उन्हें पालन करने की बात भी कहें। ताकि उनमें इस बात का डर हमेशा रहे कि ये गलत काम है। हर महिला या बच्ची उसके परिवार की सदस्य जैसी है। एड. साक्षी भारद्वाज ने कहा कानून की जानकारी व अपराधों के विरुद्ध काम आने वाली धाराओं के बारे में भी अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करना होगा। तभी समाज में महिला के साथ होने वाले अपराधों में कमी आएगी।
मनीषा दीक्षित ने कहा घरेलू हिंसा का शिकार हो रही बच्ची, किशोरी या महिला के दर्द को घर की दूसरी महिलाओं व रिश्तेदारों को समझना चाहिए। यदि वे देखकर भी अनजान बन रहे हैं या अनदेखी कर रहे हैं तो समझ लीजिए कर उनके घर की बहू बेटियों की बारी है। इसलिए हर छोटी बड़ी घटना जो महिला के साथ होती है, उसे नजरअंदाज करना बंद करें। आवाज उठाएंगे तभी हम एक बार फिर महिलाओं को ब्रेफिक्र होकर बाहर निकलने के लिए प्रेरित कर पाएंगे।
crime against women : इस दौरान एड. आशीष त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक जैन, एड. चैतन्य चांसोरिया, शीतल चक्रवर्ती, सुनीता सिडाना, अनीता सिडाना , ईशा सिडाना, कांची माखीजा, मीना चक्रवर्ती, अमित अवस्थी, प्रिय गंभीर, काजल गुप्ता, पूर्णिमा मोरिया आदि सदस्यों ने भी अपनी बात रखी।