crime in jabalpur जिस अनुपात में चोरी की वारदात हो रही हैं, उनका खुलासा नहीं हो पा रहा है।
crime in jabalpur : जिले में हर रोज किसी ने किसी घर के ताले टूट रहे हैं। सड़कों पर से वाहन चोरी हो रहे हैं। जिस अनुपात में चोरी की वारदात हो रही हैं, उनका खुलासा नहीं हो पा रहा है। पुलिस जिन मामलों में जांच कर रही है उनमें संपत्ति तक बरामद नहीं कर पा रही है।
चोरी गई संपत्ति और बरामदगी के ग्राफ में काफी अंतर है। इसके बावजूद पुलिस न तो शहर के चौराहों में नजर आ रही है और न ही गलियों में। आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और वे धड़ल्ले से वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस ने पिछले कुछ माह मे लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले कई शातिर आरोपियों को दबोचा। अधिकतर की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ऐसे वारदातों में अधिकतर युवा वर्ग के आरोपी शामिल हैं।
संपत्ति सम्बंधी अपराधों की रिपोर्ट दर्ज करते वक्त पुलिस जब उन्हें खरीदा गया था, उस वक्त की संपत्ति की कीमत का उल्लेख एफआइआर में करती हैं, लेकिन जब बरामदगी की जाती है, तो वर्तमान मूल्य देखा जाता है। यही कारण है कि बरामदगी में पुलिस के आंकड़ें अधिक हो जाते हैं। यदि पुलिस एफआइआर में वर्तमान मूल्य का ही उल्लेख करे, तो संपत्ति बरामदगी का प्रतिशत 30 से 35 प्रतिशत से अधिक नहीं पहुंच सकता। पिछले साल दर्ज हुए संपत्ति सम्बंधी अपराधों के लगभग 40 प्रतिशत से अधिक मामलों में पुलिस ने खात्मा लगाकर केस डायरी बंद कर दीं।
crime in jabalpur : चोरी और लूट के मामलो में त्वरित कार्रवाई करने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी और उनसे चोरी या लूटी गई अधिक से अधिक संपत्ति बरामदगी के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए गए हैं। हाल ही में कई वाहन चोर और घरों में चोरी करने वाले गिराह को पकड़ा गया है।