जबलपुर

बिजली कंपनी ने लिया सात माह में 902 घंटे का शट डाउन, फिर भी हो रही बिजली की ट्रिपिंग

Electricity company : शहर में रोजाना घंटों गुल हो रही बिजली ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के सिटी सर्किल की लापरवाही की पोल खोल दी है।

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Apr 11, 2025
कोरबा के बिजली विभाग में केबल घोटाला, EE निलंबित(photo-patrika)

Electricity company : शहर में रोजाना घंटों गुल हो रही बिजली ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के सिटी सर्किल की लापरवाही की पोल खोल दी है। जबकि विद्युत लाइन और ट्रांसफार्मर के मेंटेनेंस के लिए पिछले छह माह में 157 बार शट डाउन लिया था। इस दौरान कुल 902 घंटे बिजली गुल रही। उपभोक्ताओं ने मेंटेनेंस में बिना बिजली के घंटों गुजारे और अब गर्मी में बार-बार बिजली गुल होने की परेशानी झेल रहे हैं।

Electricity company

Electricity company : बिजली कंपनी के मेंटेनेंस की खुली पोल

मार्च में 184 घंटे बिजली बंद रखी गई। गर्मी शुरू होते ही बिजली ने उपभोक्ताओं को परेशान करना शुरू कर दिया है। रोजाना शहर में अलग-अलग इलाकों में दो से ढाई घंटे तक के लिए बिजली गुल हो रही है। जानकारों के अनुसार इसका कारण उपकरणों में खराबी आना है। जानकारी के अनुसार शहर में रोजाना 400 से 500 फॉल्ट आ रहे हैं।

Electricity company : गर्मी के तेवर ठंडे करने 14 हजार मेगावॉट पहुंची बिजली की मांग

प्रदेश में तेज गर्मी के चलते बिजली की मांग में भी बढ़ोतरी हो गई है। मार्च के मुकाबले अप्रेल में चार हजार मेगावॉट ज्यादा बिजली खर्च हो रही है। गर्मी के पीक में यह मांग 15 हजार मेगावॉट के पार जा सकती है। जिसके प्रबंधन में कम्पनी लगी हुई है।

Electricity company : 15 हजार मेगावॉट के पार जा सकती मांग

जानकारी के अनुसार 31 मार्च को प्रदेश में बिजली की डिमांड 10069 मेगावॉट थी। अप्रेल के शुरुआती सप्ताह में गर्मी बढ़ने पर लोगों ने घर, ऑफिस और प्रतिष्ठानों में ठंडक देने वाले उपकरणों को चालू किया। इससे 09 अप्रेल को डिमांड 14027 मेगावॉट पहुंच गई। जून में यह 15 हजार मेगावॉट के पार जा सकती है। हालांकि मई में ही पीक आ जाएगा।

Electricity company : सेन्ट्रल सेक्टर बैंकिंग से ली जा रही

चार से छह हजार ताप और जल विद्युत गृहों से-मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप और जल विद्युत गृहों से सप्लाई की जा रही है। ताप विद्युत गृहों से जहां चार से पांच हजार मेगावॉट बिजली ली जा रही है वहीं जल विद्युत गृहों से एक से दो हजार मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है।बाकी की बिजली एनटीपीसी, सेन्ट्रल सेक्टर और बैंकिंग से ली जा रही है।

Electricity company : शट डाउन लेकर मेंटेनेंस किया जाता है। यह प्रक्रिया सतत जारी रहती है, ताकि फॉल्ट का ग्राफ कम से कम किया जा सके।

  • संजय अरोरा, अधीक्षण अभियंता, सिटी सर्किल
Updated on:
11 Apr 2025 05:51 pm
Published on:
11 Apr 2025 03:44 pm
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