जबलपुर

report for road accident- इन प्रदेश की सड़के जानलेवा, एक्सीडेंट से देश में मरने वाला हर 10वां पैदल व्यक्ति एमपी का

केंद्र के भूतल एवं परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, पैदल चलने वालों की सर्वाधिक मौत वाले प्रदेश में एमपी का तीसरा नम्बर

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Sep 26, 2017
every 10th person killed in an accident from MP

राहुल मिश्रा। प्रदेश की सड़कें पैदल चलने वालों के लिए खतरनाक सीमा तक जानलेवा बन चुकी हैं। देश भर में पैदल सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाला हर दसवां व्यक्ति मध्यप्रदेश का है। यह खुलासा केंद्र सरकार के भूतल परिवहन विभाग की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में बीते साल पैदल सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में से मप्र के निवासी 9.8 अर्थात करीब दस प्रतिशत है।
एक साल में बढ़ीं 13 फीसदी
बीते एक साल के अंदर ही देश में पैदल चलने वाले लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में 13.24 प्रतिशत की बढत दर्ज की गई है। 2015 में यह आंकड़ा 13894 था। जबकि, हालिया रिपोर्ट में 2016 में पैदल सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 15746 पहुंच गई।
तमिलनाडु, महाराष्ट्र में सबसे अधिक
रिपोर्ट के अनुसार पैदल चलने वालों की सड़क दुर्घटना में मौत का आंकड़ा सबसे अधिक तमिलनाडु में रहा। 2016 में यहां 2966 पैदल यात्री वाहन दुर्घटना की बलि चढ़े। 2016 में पैदल चलने वालों की सड़क दुर्घटना में म़ृत्यु के संदर्भ में महाराष्ट्र 2103 मौतों के साथ दूसरे व मध्यप्रदेश 1627 मौतों के साथ देश में तीसरे नम्बर पर रहा।
नियम सही नहीं
यातायात व परिवहन के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत रिटायर्ड इंजीनियर ज्ञानप्रकाश का मानना है कि पैदल चलने वालों की मौतों का आंकड़ा बढऩे का कारण प्रदेश व देश के परिवहन नियमों की खामी है। इसमें पैदल चलने वालों के लिए अंतराष्ट्रीय समझौते के अनुसर नियम नहीं हैं। लोग दाएं के बजाय बायें तरफ पैदल चलते हैं। यहह पैदल चलने वालों के लिए घातक है।
यह कहते हैं एक्सपर्ट
सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए मोटर वीकल एक्ट में कोई प्रावधान नहीं है। इसके चलते इनके साथ रोड पर चलने वाले वाहनों की दुर्घटनाएं होती हैं। इसके लिए स्पष्ट प्रावधान हों। मोटर साइकिल एक्सीडेंट की एक बड़ी वजह मोटर वीकल एक्ट की धारा 123 का पालन न करना भी है। मोटर साइकिल निर्माता पीछे की सीट पर बैठने वाली सवारी की सुरक्षा के लिए समुचित उपाय नहीं अपना रही है।
नेशनल रोड सेफ्टी पॉलिसी की अनदेखी
अधिवक्ता संजय वर्मा के अनुसार सरकार ने नेशनल रोड सेफ्टी पॉलिसी के तहत रोड सेफ्टी काउंसिल का गठन किया है। इसे सड़क सुरक्षा से सम्बंधित नीति निर्धारण का अधिकार दिया गया है। इसके तहत जिला स्तर तक सड़क सुरक्षा समितियां गठित की जानी हैं। लेकिन, इनका गठन कहीं किया गया, तो कहीं नहीं। जहां गठित भी की गईं, काम नहीं कर रही हैं।

वर्ष 2016 में सड़क दुर्घटना में मृत पैदल व्यक्तियों के आंकड़ा
वर्ष कुल दुर्घटना मौत का प्रतिशत
2015 13894 9.5
2016 15746 10.5

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मृत पैदल सवारों(2016 ) के मामले में टॉप फाइव स्टेट
तमिलनाडु 2966
महाराष्ट्र 2103
मध्यप्रदेश 1627
हरियाणा 1596
केरल 1246
मृत मोटर साइकिल सवारों(2016 ) के मामले में टॉप फाइव स्टेट
तमिलनाडु 5658
महाराष्ट्र 5346
उत्तरप्रदेश 4802
कर्नाटक 3606
मध्यप्रदेश 3546

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Published on:
26 Sept 2017 07:55 pm
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