जबलपुर

सरकारी लैब रिपोर्ट के बिना दी ड्यूटी से छूट, गलती सुधारने के लिए वॉयरोलॉजी लैब भेजा सैम्पल

जबलपुर में कोरोना मरीज की जानकारी नहीं देने पर बंसल लैब को भी नोटिस    

less than 1 minute read
Apr 14, 2024
election-corona
election-corona

जबलपुर। निजी लैब की कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला प्रोफेसर को प्रशासन ने गुरुवार को छूट दे दी लेकिन शुक्रवार को गलती सुधारते हुए पीडि़ता को आरटीपीसीआर टेस्ट के निर्देश दिए हैं। वहीं कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट जारी करने वाले निजी लैब को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यांलय नोटिस देने जा रहा है। लैब ने कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए कोरोना मरीज की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी। जानकारी के अनुसार महिला प्रोफेसर का सैंपल वॉयरोलॉजी लैब भेजा जा रहा है।

पत्रिका की खबर पर लिया संज्ञान

कोरोना रिपोर्ट लेकर पहुंची महिला प्रोफेसर की पत्रिका में छपी खबर पर संज्ञान लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) लैब को नोटिस भेज रहा है। नियमानुसार रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर आरटीपीसीआर रिपोर्ट कराना अनिवार्य है। महिला प्रोफेसर की जांच रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना है।

दोबारा जांच के लिए भेजी सूचना

इधर गड़बड़ी सामने आने पर प्रशासन की तरफ से भी महिला को आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने के लिए सूचना भेजी गई है। संयुक्त कलेक्टर एवं लोकसभा चुनाव के लिए नोडल अधिकारी मैन पावर नदीमा शीरी ने बताया कि सीएमएचओ की तरफ से निजी पैथालॉजी नहीं बल्कि आरटीपीसीआर टेस्ट में पॉजीटिव रिपोर्ट को सही माना जाता है। महिला प्रोफेसर को चुनाव ड्यूटी से तो छूट दे दी गई है लेकिन उन्हें यह टेस्ट करवाने के लिए सूचना भेजी गई है।


बंसल पैथालॉजी लैब को नोटिस भेजा जा रहा है। उन्होंने कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट के बारे में कोई सूचना कार्यालय को नहीं दी है। जबकि होना यह चाहिए था कि लैब की तरफ से सूचना आनी थी। फिर मरीज का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाता।
डॉ. संजय मिश्रा, सीएमएचओ

Published on:
14 Apr 2024 08:16 pm