
जबलपुर. नामी गिरामी कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी से रंगदारी मांगने वाले आरोपियो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी कारोबारी के पुराने सेल्समैन रहे। बता दें कि गत 26 जुलाई की रात अज्ञात बदमाशों ने मोबाइल से फोन कर कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। साथ ही चेताया था कि इसकी सूचना पुलिस को दी तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। वैसे भी तुम्हारा बेटा हमारे रडार पर है।
लेकिन कारोबारी ने हिम्मत से काम लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। शहर के गोरखपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी। इसके तहत एहतियातन कारोबारी के नजदीकी लोगों की जानकारी भी जुटाई। साथ ही उनके घर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। पुलिस के मुताबिक आदर्श नगर इलाके में रहने वाले कारोबारी सुदीप अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वे रविवार की रात मदन महल इलाके में मौजूद थे, तभी अज्ञात नंबर से किसी व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर कॉल कर एक करोड रुपए की रंगदारी की मांग की थी।
पुलिस ने बताया कि आर्दश नगर निवासी कपडा एंव इलेक्ट्रिक कारोबारी सुदीप अग्रवाल को 26 जुलाई की रात लगभग 8 बजे मोबाइल पर धमकी दी गई थी। फोन करने वाले ने कहा था कि मैं बलिया से राजा भैया बोल रहा हूं एक घंटे में तुमने एक करोड़ रूपये का इंतजाम नहीं किया तो तुम्हारे बेटे की गोली मारकर हत्या कर दूंगा। उसने कहा कि एक घंटे बाद मेंरे 4 आदमी तुमसे सम्पर्क करेंगे, जिनको तुम पैसे दे देना। यह भी चेताया कि यदि पुलिस को इस बाबत कुछ भी बताया तो तुम्हे और परिवार के सदस्यों को गोली मारकर खत्म कर देंगें। कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी।
इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण डॉ. संजीव उइके एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध गोपाल प्रसाद खाण्डेल ने नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर आलोक शर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित कर मामले की जांच प्रारंभ की गई। टीम ने सुदीप अग्रवाल से पूछताछ शुरू करते हुए सायबर सेल टीम की मदद से अमरदीप राजपूत व अनूप सिंह को पकड़ा। अमरदीप वर्तमान में ओरले लैप्स में एमआर का काम कर रहा है जबकि अनूप सिंह राणा जो फिलहाल सतना के पृथ्वीराज कपड़ा की दुकान में संजू साकेत के साथ सेल्समैन है।
आरोपियों ने बताया कि संजू साकेत व अनूप सिंह राणा दोनों सुदीप अग्रवाल की दुकान मे 3 साल काम कर चुके हैं। अनूप सिंह को 15-20 दिन पहले एक सिम पड़ी मिली थी, जिसे उसने अपने पास रख लिया और संजू साकेत के मोबाइल पर चेक कराया कि यह चालू हालत में है या नहीं। अनूप ने अपने पूर्व साथी कजरवारा निवासी अमरदीप के मांगने पर सतना से कोरियर के माध्यम से यह सिम उसे भेज दिया। कोरियर से भेजी गई सिम को अमरदीप ने अपना गलत पता देकर फोन से प्रदीप पासी की दुकान पर पार्सल को डिलेवर कराकर पार्सल हासिल कर लिया।
उन्होंने बताया कि अमरदीप एवं अनूप सिंह इसके पहले सुदीप अग्रवाल की दुकान मे एक साथ काम किये थे। अमरदीप ने सुदीप अग्रवाल को बहुत सारे रूपये गिनते हुये देखा था। ऐसे में योजना के मुताबिक अमरदीप ने 450 रूपये का एक नया मोबाईल खरीदा और पूर्व योजना के अनुसार सुदीप अग्रवाल को कॉल कर एक करोड़ रूपये की रंगदारी मांगी। धमकी देने के बाद जब अखबार पढा तो मोबाईल को जला दिया और सिम फेंक दिया।