जबलपुर

श्रीलंका की बौद्ध आधारित डेगलडोरुवा शैली पर किया हनुमान चालीसा का चित्रण, बना चर्चा का विषय

इस पेंटिंग को बनाने में एक साल का समय लगा है। यह डेगलडोरुवा शैली है जो कि श्रीलंका के कैंडी शहर की प्राचीन गुफाओं में देखी जा सकती है। इसे 18वीं सदी की सबसे शुद्ध और प्रमुख चित्रकला शैलियों में माना जाता है।

2 min read
Jan 05, 2026
Fine Arts College
  • श्रीराम चरित्र पेंटिंग में फाइन आर्ट कॉलेज के स्टूडेंट्स ने दिखाई प्रतिभा

Fine Arts College : शहर के होनहार युवा चित्रकारों और उनकी मार्गदर्शक ने एक साल की कड़ी मेहनत और कई प्रयासों के बाद श्रीलंका की डेगलडोरुवा शैली में ऐसी पेंटिंग तैयार की है जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। चतुर्थ वल्र्ड रामायण कॉन्फ्रेंस 2025 में देश विदेश से आए विद्वान और कला के शौकीन इसकी खूबियों से रूबरू हो रहे हैं।

Fine Arts College : बनाने में एक साल का समय लगा है

शासकीय ललित कला महाविद्यालय की कनिष्ठ निदेशक शैलजा सुल्लेरे ने बताया इस पेंटिंग को बनाने में एक साल का समय लगा है। यह डेगलडोरुवा शैली है जो कि श्रीलंका के कैंडी शहर की प्राचीन गुफाओं में देखी जा सकती है। इसे 18वीं सदी की सबसे शुद्ध और प्रमुख चित्रकला शैलियों में माना जाता है। अन्य प्राचीन कलाओं की तरह, यह शैली भी कहानियां बताने का माध्यम रही है। यह पूर्ण रूप से बौद्ध जीवन शैली को दर्शाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने हनुमान चालीसा तैयार किया है। जिसमें चौपाइयों के अनुसार हनुमान जी का चित्रण किया गया है। हर अल्पविराम को पेड़, सूरज के माध्यम से दर्शाया गया है। राम पर आधारित यह पेंटिंग अपने आप में पहली है।

Fine Arts College : भगवान बुद्ध से जुड़ी कई कहानियां

सुल्लेरे ने बताया समय के साथ श्रीलंका में रामायण से जुड़ी कलाकृतियां बहुत कम रह गई हैं, लेकिन भगवान बुद्ध से जुड़ी कई कहानियां आज भी इन गुफाओं की चित्रकारी में देखने को मिलती हैं। इन्हीं रंगों और आकारों को आधार बनाकर हमने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा की चौपाइयों को श्रीलंका की डेगलडोरुवा कला शैली में प्रस्तुत किया है। यह कलाकृति दो संस्कृतियों का एक सुंदर और अनोखा संगम है।

Fine Arts College : स्टूडेंट्स की केरल म्यूरल भी आकर्षण का केन्द्र

शासकीय ललित कला महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार पेंटिंग भी प्रदर्शनी में लगाई गई हैं। केरल म्यूरल आर्ट पर आधारित सभी पेंटिंग को दर्शकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।

Updated on:
05 Jan 2026 12:05 pm
Published on:
05 Jan 2026 11:56 am
Also Read
View All

अगली खबर