FIR against fraudsters in job in Jabalpur, MP मध्यप्रदेश में नौकरी के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। इस मामले में कई कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
मध्यप्रदेश में नौकरी के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। इस मामले में कई कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। नौकरी में फर्जीवाड़ा का यह मामला एमपी के जबलपुर से सामने आया है। यहां कई कर्मचारियों ने नौकरी पाने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाए थे। इन कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों की शिकायतें मिली थीं जिसके बाद उनके दस्तावेजों की गहराई से जांच की गई। जांच में जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। पुलिस केस के बाद कर्मचारियों को कानूनन सजा हो सकती है। दोषी पाए जाने पर इनसे सेलरी की वसूली भी की जा सकती है।
रांझी के कार्यालय सहायक ग्रेड 3 ने पुलिस को 5 कर्मचारियों की शिकायत की थी। इसमें कर्मचारियों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी बताए गए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांचों कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर FIR दर्ज कर ली है।
मुकेश बर्मन, दिलीप कुमार, सूरज सिंह, अर्चना दहिया और अंकित अग्रवाल खिलाफ गलत प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी कर सरकार के साथ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। इन सभी कर्मचारियों ने करीब तीन साल पहले नौकरी पाई थी। नौकरी के लिए सन 2022-2023 में फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाए।
सरकारी अधिकारियों की अनुसार ऐसी धोखाधड़ी से नौकरी प्राप्त करने का मौका प्रभावित होता है। उचित तरीके से नौकरी प्राप्त करने के योग्य कई अन्य उम्मीदवारों का हक भी मारा जाता है।